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बैंकिंग सुधार की दिशा में बड़ी पहल: जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक, सीडी रेशियो में मुजफ्फरपुर अव्वल

राज्य औसत से बेहतर सीडी रेशियो, कमजोर बैंकों पर जिलाधिकारी सख्त, ऋण वितरण में तेजी और पारदर्शिता पर जोर: बैंकिंग समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ दिसम्बर

जिले में बैंकिंग प्रणाली के कामकाज को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं गतिशील बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में बैंकिंग जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति सह जिला स्तरीय समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था सुधीर कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता विभागीय जांच संजय कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन शैलेश कुमार चौधरी, अपर समाहर्ता लोक शिकायत धनंजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक मुजफ्फरपुर, भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीडी रेशियो में सुधार, वार्षिक साख योजना की प्रगति की समीक्षा तथा ऋण स्वीकृति एवं व्यय में तेजी लाना था। बैठक में द्वितीय तिमाही 2025–26 के अंतर्गत सीडी रेशियो की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राज्य स्तरीय साख-जमा अनुपात 56.88 प्रतिशत की तुलना में मुजफ्फरपुर जिले का सीडी रेशियो 70.17 प्रतिशत है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। जिलाधिकारी ने इसे जिले की सकारात्मक बैंकिंग स्थिति का संकेत बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि बैंक अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिसे और बेहतर करने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने बैंकवार सीडी रेशियो की गहन समीक्षा की। पब्लिक सेक्टर बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का सीडी रेशियो 92 प्रतिशत, इंडियन ओवरसीज बैंक 76 प्रतिशत, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 72 प्रतिशत, केनरा बैंक 70 प्रतिशत, पंजाब एंड सिंध बैंक 67 प्रतिशत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 61 प्रतिशत, बैंक ऑफ बड़ौदा 60 प्रतिशत, इंडियन बैंक 57 प्रतिशत, बैंक ऑफ इंडिया 56 प्रतिशत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 48 प्रतिशत, यूको बैंक 35 प्रतिशत तथा पंजाब नेशनल बैंक 29 प्रतिशत पाया गया। जिलाधिकारी ने 60 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले बैंकों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके क्षेत्रीय प्रमुखों को पत्र भेजकर शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं प्राइवेट बैंकों के सीडी रेशियो को संतोषजनक बताते हुए उन्हें भी और बेहतर प्रदर्शन करने की हिदायत दी गई। वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत वार्षिक साख योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिले की कुल उपलब्धि 44 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने 45 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले बैंकों के क्षेत्रीय प्रमुखों को पत्र भेजकर अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने विशेष रूप से पब्लिक सेक्टर बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाने का निर्देश दिया। टोटल क्रॉप लोन की समीक्षा में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय पाया गया, जिसने 98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। जिलाधिकारी ने अन्य बैंकों को इससे सीख लेने की सलाह दी। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), केसीसी पशुपालन तथा केसीसी मत्स्य योजना के तहत निर्धारित सरकारी लक्ष्यों और बैंकों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। न्यून प्रदर्शन करने वाले बैंकों को तत्काल सुधार लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। बैठक में उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की बैंकवार लक्ष्य, स्वीकृति, व्यय एवं लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 61 ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं पंजाब नेशनल बैंक का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत कुल 215 ऋण स्वीकृत हुए हैं, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिलाधिकारी ने आरसेटी (RSETI) द्वारा प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिले के सभी बैंकों को इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित फॉलो-अप करने तथा शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके। सर्टिफिकेट मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकवार लंबित मामलों, नोटिस निर्गत करने तथा नोटिस तामिला की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक एवं बैंक अधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मामलों का शीघ्र निष्पादन एवं राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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