चुनाव प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई — जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ अक्टूबर
विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारी को लेकर जिले में चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाओं को सटीकता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय विद्यालय, गन्नीपुर में मतदान कर्मियों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा गया है। किंतु प्रशिक्षण केंद्र से कुछ कर्मियों के अनुपस्थित रहने की सूचना प्राप्त हुई है, जिस पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे कर्मियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए और बिना ठोस कारण के अनुपस्थित पाये जाने पर उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य एक अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व है, जिसमें लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की विभिन्न सरकारी विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को कार्मिक कोषांग द्वारा तैयार किए गए डेटाबेस के आधार पर निर्वाचन ड्यूटी के लगाया गया है। इन्हें 6 नवंबर को होने वाले मतदान के दिन संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय मतदान अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन सभी पदाधिकारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण केंद्र में अवर निर्वाचन पदाधिकारी (पूर्वी) एवं अवर निर्वाचन पदाधिकारी (पश्चिमी) मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी के रूप में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जिम्मेदार हैं। वहीं, कार्मिक कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि कुछ कर्मी बिना किसी औचित्य के प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो रहे हैं, जो गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहा है, जिसके दौरान कुल 19,720 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को आयोग के दिशा-निर्देशों, ईवीएम-वीवीपैट संचालन, मतदान प्रक्रिया, आचार संहिता एवं मतदान केंद्र प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि मतदान दिवस पर कोई त्रुटि न हो। यदि किसी कर्मी की अनुपस्थिति का कोई उचित व सत्यापित कारण है, तो उसके सत्यापन हेतु मेडिकल टीम गठित की गई है। आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने पर ऐसे कर्मियों को नियमानुसार विमुक्त किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी कर्मियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लें और निर्वाचन प्रक्रिया को सफल, पारदर्शी तथा निष्पक्ष बनाने में अपनी महती भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन करें।




