गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से सुदृढ़ होगी निर्वाचन प्रक्रिया- प्रत्येक मतदान कर्मी को जिम्मेदारी से निभाना होगा दायित्व- सुब्रत कुमार सेन, जिलाधिकारी
19,720 कर्मियों के द्वितीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २४ अक्टूबर
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस क्रम में मुजफ्फरपुर जिले में चुनाव ड्यूटी पर लगाये गये कर्मियों के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गन्नीपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में हुआ। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए निर्वाचन कार्य को “लोकतंत्र की रीढ़” बताते हुए सभी कर्मियों को पूर्ण निष्ठा, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव कार्य देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक कर्मी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक जानकारी देने पर विशेष बल दिया, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की त्रुटि या असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान श्री सेन ने प्रशिक्षण कोषांग के अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण सत्र केवल औपचारिक न हो, बल्कि प्रत्येक कर्मी को आयोग के दिशा-निर्देशों की सूक्ष्म जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पीठासीन पदाधिकारी से लेकर तृतीय मतदान पदाधिकारी तक, सभी को उनके कार्य, दायित्व की स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की चूक पूरे निर्वाचन की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक मतदान कर्मी को प्रशिक्षण में बताई गई बातों को व्यावहारिक रूप से आत्मसात करना होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस द्वितीय प्रशिक्षण में कुल 19720 कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है। केंद्रीय विद्यालय के 50 कमरों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक दिन प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित है. प्रथम सत्र: पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक एवं द्वितीय सत्र: अपराह्न 2:30 बजे से 5:00 बजे तक होगा. पहले दिन कुल 4000 कर्मियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें दोनों सत्रों में 2000-2000 कर्मियों को शामिल किया गया। प्रशिक्षण में पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम मतदान अधिकारी, द्वितीय मतदान अधिकारी और तृतीय मतदान अधिकारी को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में हर मतदान केंद्र पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इस वेबकास्टिंग की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन विभाग बिहार और जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए सभी कर्मी मतदान केंद्र पर अपने कार्य को अनुशासित, निष्पक्ष और गरिमापूर्ण ढंग से करें। उन्होंने स्पष्ट कहा की इस बार मतदान कक्ष के भीतर ही प्रत्येक मतदान कर्मी को बैठना होगा। आयोग की अपेक्षा है कि हर मतदान केंद्र की गतिविधि और कर्मियों का आचरण लोकतंत्र की गरिमा को प्रतिबिंबित करे। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण प्रभारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक कर्मी को ईवीएम (EVM) एवं वीवीपैट (VVPAT) का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण अवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि मतदान दिवस पर किसी भी तकनीकी कठिनाई से बचने के लिए कर्मियों का ईवीएम संचालन में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा की प्रत्येक कर्मी को ईवीएम के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु और त्रुटिहीन संपन्न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि यह द्वितीय प्रशिक्षण मतदान दिवस की तैयारी का सबसे अहम चरण है। उन्होंने कर्मियों से अपील की कि वे इसे गंभीरता से लें और किसी भी बिंदु को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि कर्मियों में आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता विकसित करना भी है। इससे चुनाव दिवस पर कोई भी परिस्थिति उत्पन्न होने पर कर्मी सहजता से उसका समाधान कर सकें। जिलाधिकारी श्री सेन नें कहा की एक-एक मतदान कर्मी लोकतंत्र की डोर का महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि प्रत्येक कर्मी अपनी भूमिका ईमानदारी और निष्ठा से निभाएगा, तो निश्चित रूप से चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी रूप से संपन्न होगा। मुजफ्फरपुर में शुरू हुआ यह द्वितीय प्रशिक्षण सत्र न केवल कर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा, बल्कि उन्हें लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में सशक्त भी करेगा।





