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बिहार विधानसभा के पारदर्शी चुनाव के लिए व्यय निगरानी पर विशेष फोकस — तीन व्यय प्रेक्षक तैनात, जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने की सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १२ अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की हैं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार उम्मीदवारों के चुनावी व्यय की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिले में एक सुदृढ़ तंत्र बनाया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी उम्मीदवार निर्धारित सीमा से अधिक खर्च न करे और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री सेन द्वारा जिला स्तर पर “व्यय कोषांग” का गठन किया गया है, जिसका नोडल पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, वाणिज्य कर जाकिर हुसैन को बनाया  है। उनके सहयोग के लिए कई अन्य अधिकारी और कर्मी कार्यरत हैं, जो विधानसभा-वार खर्च की रिपोर्ट एकत्रित कर उसका विश्लेषण करते हैं। इस कोषांग का मुख्य उद्देश्य है — उम्मीदवारों द्वारा किए गए प्रचार-प्रसार, वाहनों के उपयोग, पोस्टर-बैनर, जनसभा आयोजन तथा अन्य प्रचार गतिविधियों पर हुए खर्च की सघन निगरानी रखना। निर्वाचन आयोग ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के तीन अधिकारियों को व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया है, जो प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और आयोग को रिपोर्ट देंगे। इन अधिकारीयों में अलताफ हुसैन, 2008 बैच के IRS अधिकारी — सकरा, कुढ़नी और मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र के व्यय प्रेक्षक, मोबाइल नंबर: 9031658283, ललित कुमार बिसनोई, 2010 बैच के IRS अधिकारी — मीनापुर, कांटी, बरूराज, पारु और साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र के व्यय प्रेक्षक, मोबाइल नंबर: 9031658284 एवं राजीव रतन सिंह, 2014 बैच के IRS अधिकारी — गायघाट, औराई तथा बोचहा विधानसभा क्षेत्र के व्यय प्रेक्षक, मोबाइल नंबर: 9031658285 शामिल है. इन प्रेक्षकों की जिम्मेदारी होगी की प्रत्येक अभ्यर्थी के व्यय अभिलेखों की जाँच करना, प्रचार गतिविधियों पर नजर रखना, किसी स्तर पर गड़बड़ी न हो, चुनाव  बिल्कुल  फ्री एंड फेयर हो। इन व्यय प्रेक्षकों को आयोग द्वारा विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि वे स्वतंत्र रूप से जांच कर सकें और आवश्यक कार्रवाई का सुझाव दे सकें। इनके प्रमुख कर्तव्यों में प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत किए गए दैनिक खर्च विवरण की जाँच और सत्यापन। खर्च के स्रोत और उपयोग के बीच पारदर्शिता बनाए रखना। उम्मीदवारों की रैलियों, जुलूसों, जनसभाओं, वाहन उपयोग और प्रचार सामग्री की वास्तविक लागत का मूल्यांकन। किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता की जांच कर त्वरित रिपोर्ट तैयार करना। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो सर्विलांस टीम, एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग टीम और फ्लाइंग स्क्वाड के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल हैं.  लोकतंत्र में मतदाताओं और आम नागरिकों की सहभागिता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक टोल फ्री नंबर —18003457001 जारी किया है। इस नंबर पर कोई भी नागरिक उम्मीदवारों द्वारा अनुचित व्यय, धन वितरण, शराब या उपहार के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों की शिकायत दर्ज करा सकता है। यह सेवा निशुल्क और 24×7 उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक कहीं से भी सूचना दे सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित कोषांग एवं व्यय प्रेक्षक को जानकारी स्वतः प्राप्त होती है। यह तंत्र जनता को सीधे निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ता है, जिससे जन भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ती है। गलत खर्च या अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने में यह प्रणाली एक प्रभावी हथियार के रूप में काम कर रही है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक वोटर को निष्पक्ष वातावरण में मतदान का अवसर मिले। जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री सेन ने निर्देश दिया है कि व्यय मॉनिटरिंग की सभी टीमें अपने कार्य में शत-प्रतिशत ईमानदारी बरतें और किसी भी सूचना को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक शिकायत का संज्ञान लिया जाएगा, चाहे वह छोटी ही क्यों न हो। जिले में चुनावी माहौल शांतिपूर्ण, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कायम रहना चाहिए।” जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा तैयार यह व्यय मॉनिटरिंग तंत्र न केवल चुनावी खर्च के नियमन में मदद करेगा बल्कि  इस प्रणाली के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और जनसहभागिता दोनों को बल मिलेगा, जिससे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का आयोजन वास्तव में “स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव” का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

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