जिलाधिकारी ने चुनाव प्रशिक्षण कार्य के निरीक्षण के दौरान कहा की निष्पक्षता सिर्फ दिखनी नहीं चाहिए, महसूस भी होनी चाहिए
4000 प्रशिक्षणार्थियों को दिया गया प्रशिक्षण, 198 प्रशिक्षणार्थी अनधिकृत अनुपस्थित, सभी को शो काउज एवं कड़ी कार्रवाईका सख्त निर्देश, पी-वन और पीओ को दिया गया प्रशिक्षण

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०७ अक्टूबर
विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने गन्नीपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में चल रहे मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण कार्य का निरीक्षण किया। यह प्रशिक्षण सत्र विधानसभा चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने तथा आयोग के दिशा निर्देश के अनुरूप चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सत्र में कुल 4000 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान पदाधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण कक्षों का भ्रमण किया, प्रशिक्षकों से बातचीत की और उपस्थित कर्मियों से प्रशिक्षण की उपयोगिता एवं समझ के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था, तकनीकी संसाधनों, ईवीएम-वीवीपैट के डेमो, तथा प्रायोगिक अभ्यास की बारीकियों को बारीकी से देखा तथा प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया। जिलाधिकारी श्री सेन ने कहा कि “चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है। इसे स्वच्छ, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराना हर निर्वाचन कर्मी की जिम्मेदारी है। पीठासीन पदाधिकारी मतदान केंद्र का मुखिया होता है, इसलिए उसके आचरण, निर्णय और निष्पक्षता पर पूरे मतदान केंद्र की विश्वसनीयता निर्भर करती है।” उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सटीकता और आत्मविश्वास पैदा करना है। “प्रशिक्षण को सिर्फ औपचारिकता न समझें। यह आपके लिए एक अवसर है कि आप मतदान प्रक्रिया की प्रत्येक तकनीकी और प्रशासनिक बारीकी को समझ सकें और स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करें। एक छोटी सी चूक भी पूरे निर्वाचन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है। श्री सेन ने पीठासीन पदाधिकारियों को विशेष रूप से मतदान केंद्र पर उनकी भूमिका, मतदान की शुरुआत से अंत तक की प्रक्रिया, सीलिंग, टैगिंग, वीवीपैट स्लिप की गणना, और EVM के सुरक्षित जमा करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी को “निष्पक्ष रहना ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष दिखना भी चाहिए।” जिलाधिकारी ने कहा कि आयोग का उद्देश्य है कि हर मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। इसके लिए मतदान केंद्रों पर अनुकूल माहौल बनाना, मतदाताओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण केंद्र की समग्र व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा। उन्होंने सभी कर्मियों से कहा कि वे अपने दायित्वों को निष्ठा, ईमानदारी और दक्षता के साथ निभायें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया तथा नोडल पदाधिकारी को सभी आवश्यक व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मी आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करेगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की जिले में चरणबद्ध तरीके से पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी प्रथम, द्वितीय और तृतीय को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक मतदान कर्मी अपने दायित्वों और कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हो। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण सत्र में ईवीएम और वीवीपैट के संचालन, मॉक पोल प्रक्रिया, मतदान केंद्र पर संभावित चुनौतियों और उनके समाधान, साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।





