तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक सूची तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ
30 सितंबर से आम सूचना का प्रकाशन, नाम दर्ज करने हेतु 06 नवंबर तक आवेदन करने का अवसर

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २७ सितम्बर
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक सूची तैयार करने की प्रक्रिया 30 सितंबर 2025 से प्रारंभ हो जाएगी। इस क्रम में निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के तहत आम सूचना निर्गत की जाएगी और आवेदक निर्धारित प्रपत्रों में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के प्रावधानों के अनुरूप निर्वाचक सूची तैयार करने का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है। इस अंतर्गत नियम 31(3) के अंतर्गत पब्लिक नोटिस का प्रकाशन -30 सितंबर 2025, नियम 31(4) के अंतर्गत समाचार पत्र में प्रथम पुनर्प्रकाशन- 15 अक्टूबर 2025, नियम 31(4) के अंतर्गत समाचार पत्र में द्वितीय पुनर्प्रकाशन- 25 अक्टूबर 2025, प्रपत्र 18 (स्नातक निर्वाचक हेतु) एवं प्रपत्र 19 (शिक्षक निर्वाचक हेतु) में आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि- 06 नवंबर 2025, पांडुलिपि के आधार पर प्रारूप निर्वाचक सूची की तैयारी की अवधि- 20 नवंबर 2025, निर्वाचक सूची का प्रारूप प्रकाशन- 25 नवंबर 2025, दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि- 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2025, दावा एवं आपत्ति का निष्पादन, पूरक निर्वाचक सूची का निर्माण एवं मुद्रण- 25 दिसंबर 2025, निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन- 30 दिसंबर 2025. निर्वाचक सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक आवेदक निर्धारित अवधि में फॉर्म-18 (स्नातक निर्वाचक हेतु) अथवा फॉर्म-19 (शिक्षक निर्वाचक हेतु) में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन पत्र जिला निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, पदाभिहित पदाधिकारी अथवा निर्दिष्ट स्थल पर जमा किए जा सकेंगे। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के रूप में प्रमंडलीय आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर नामित हैं। निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुरूप संपूर्ण प्रक्रिया का संपादन सुनिश्चित करने के निमित्त आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रमंडलीय आयुक्त श्री राजकुमार की अध्यक्षता में मैं आयुक्त कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। प्रमंडलीय कार्यालय में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को संबंधित जिलों को अग्रसारित किया जाएगा ताकि वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिले सम्मिलित हैं। आवेदक अपने सामान्य निवास स्थान के आधार पर आवेदन प्रस्तुत करेंगे। संबंधित जिले के सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी द्वारा आवेदन पत्रों की जांच, डेटा प्रविष्टि, नोटिस निर्गमन तथा स्वीकृत/अस्वीकृत किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचक सूची की तैयारी से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल द्वारा दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य दल का गठन किया गया है। इन कार्य दलों में अनिल भारती, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, तिरहुत प्रमंडल, सुरेंद्र प्रसाद, उप-निदेशक, पंचायती राज, तिरहुत प्रमंडल, ललन ऋषि, उप-निदेशक, कल्याण, रवि भूषण, उप-निदेशक, सांख्यिकी, अरुण कुमार, संयुक्त आयुक्त सह सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार को सम्मिलित किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करने का निर्देश दिया गया है। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के कार्यालय में प्राप्त आवेदन पत्रों की प्राप्ति, सामान्य जांच, प्रतिदिन जिला-वार सूची तैयार करने, संबंधित जिलों को प्रेषण आदि कार्यों का निष्पादन किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक प्रशासनिक संरचना को मजबूत किया गया है। निर्वाचक सूची की तैयारी की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आयुक्त कार्यालय सभागार में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आयुक्त के सचिव तथा प्रभारी उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्वाचक सूची निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया, प्रावधान एवं दायित्वों से अवगत कराया। इस अवसर पर सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे आयोग की मार्गदर्शिका एवं विधिसम्मत प्रावधानों का अक्षरशः पालन करेंगे। साथ ही, किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्वाचन आयोग की मार्गदर्शिका का सभी को पालन करना अनिवार्य है तथा निर्वाचक सूची के निर्माण प्रक्रिया को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर विशेष बल दिया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि प्रत्येक आवेदन पत्र की विधिवत जांच हो। स्वीकृत एवं अस्वीकृत आवेदनों का अभिलेखीकरण किया जाए। डेटा प्रविष्टि कार्य त्रुटिरहित एवं समयबद्ध रूप से पूरा हो। दावा एवं आपत्ति की अवधि में प्राप्त सभी आवेदन निष्पक्षतापूर्वक निस्तारित किए जाएं। निर्वाचक सूची की तैयारी हेतु तय कार्यक्रम के अनुसार सभी चरणों का पालन करना अनिवार्य होगा। इससे न केवल पात्र आवेदकों के नाम सूची में सम्मिलित हो पाएंगे, बल्कि किसी प्रकार की शिकायत अथवा विवाद की संभावना भी न्यूनतम हो जाएगी। सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों, निर्वाचन कर्मियों तथा कार्यदल को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने कार्यों का निर्वहन करें और निर्वाचक सूची निर्माण को एक सफल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के रूप में संपन्न कराएं।





