लंगट सिंह महाविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग और एनसीसी यूनिट द्वारा ‘स्वराज की अवधारणा और चंपारण सत्याग्रह’ पर विशेष व्याख्यान आयोजित
चंपारण से शुरू हुई चेतना और जलियांवाला बाग के बलिदान ने मिलकर ही स्वराज की नींव को मजबूत किया-प्रो.कनुप्रिया

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १३ अप्रैल
लंगट सिंह महाविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग एवं एनसीसी यूनिट के संयुक्त तत्वावधान ‘स्वराज की अवधारणा और चंपारण सत्याग्रह’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में स्वराज की अवधारणा और चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की गई। यह कार्यक्रम इतिहास विभाग और एनसीसी यूनिट का एक संयुक्त प्रयास था।यह आयोजन छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें गांधीजी के विचारों और चंपारण सत्याग्रह के दूरगामी परिणामों पर प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो.कनुप्रिया ने ऐतिहासिक संदर्भों को जोड़ते हुए कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आज ही के दिन जलियांवाला बाग हत्याकांड की दुखद लेकिन प्रेरणादायी बरसी भी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जलियांवाला बाग की उस भयावह घटना का भारतीय जनमानस पर व्यापक और गहरा असर हुआ, जिसने आजादी की लौ को पूरे देश में प्रज्वलित कर दिया। प्राचार्या ने कहा कि चंपारण से शुरू हुई चेतना और जलियांवाला बाग के बलिदान ने मिलकर ही स्वराज की नींव को मजबूत किया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शहीदों के बलिदान को याद रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो.प्रमोद कुमार ने कहा कि स्वराज केवल एक राजनीतिक नारा नहीं बल्कि आत्मबोध की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को एक नई दिशा दी और गांधी जी के सत्य और अहिंसा के प्रयोग ने ब्रिटिश साम्राज्य की चूलें हिला दीं। आज के दौर में युवाओं को इन सिद्धांतों को आत्मसात करने की नितांत आवश्यकता है।व्याख्यान का संचालन डॉ.राजीव कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो.विजय कुमार ने किया। मौके पर प्रो.पुष्पा कुमारी, प्रो.राजीव झा, डॉ.संतोष अनल, डॉ.शशिकांत पांडे, डॉ.वानेश्वर शर्मा, डॉ.धीरेंद्र कुमार, डॉ.राधा कुमारी, डॉ.संध्या कुमारी, सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।




