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देश की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए बुद्धिजीवी वर्ग को अपनी विचार और लेखनी के माध्यम से आगे आना होगा- विक्रमादित्य सिंह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ११ अप्रैल

राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुजफ्फरपुर में एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए बुद्धिजीवी वर्ग को अपनी विचार और लेखनी के माध्यम से आगे आना होगा। वे ललित नारायण महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की मुजफ्फरपुर इकाई के तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा में हमारी भूमिका’ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और सामाजिक भ्रम फैलाने वाली ताकतों पर चिंता व्यक्त की और एकीकृत भारत व राष्ट्रवाद के लिए बुद्धिजीवियों के योगदान पर जोर दिया। श्री सिंह नें कहा की राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा में बौद्धिक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने घुसपैठ और सामाजिक भ्रम (अस्थिरता) को देश के लिए खतरा बताते हुए क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एकीकृत और सशक्त भारत की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत होकर ही देश को सुरक्षित बनाया जा सकता है, जिसमें शिक्षाविदों और लेखकों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है; बुद्धिजीवियों को अपने विचारों और लेखनी के माध्यम से आगे आकर समाज में जागरूकता फैलानी होगी।उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और सामाजिक भ्रम फैलाने वाली शक्तियों के प्रति बुद्धिजीवियों को सचेत रहने और उनके विरुद्ध वैचारिक विमर्श खड़ा करने का आह्वान किया। श्री सिंह ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ‘एकीकृत भारत’ की विशालता को आवश्यक बताया और कहा कि राष्ट्रवाद की भावना रखने वाले हर नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद को सुदृढ़ करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिसमें युवाओं और विद्वानों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। इस अवसर पर संवाद में विशिष्ट अतिथि सह सीआईएमपी, पटना के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमोद कुमार ने कहा कि देश सुरक्षित रहने पर ही हम सभी सुरक्षित रह सकते है। देश विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. विजयेंद्र झा ने स्वागत भाषण के क्रम में कहा कि देश तभी पूर्ण रूप से विकास के पथ पर तेजी से बढ़ता है जब सभ्यता और संस्कृति साथ साथ चलती है। खाड़ी देशों के पास पैसा तो बहुत है, लेकिन पश्चिमी देशों के मुकाबले विकसित नहीं है। इसका कारण खाड़ी देशों में सभ्यता और संस्कृति का अभाव है। मंच संचालन अंकज कुमार ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. ललन झा ने किया। संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुजफ्फरपुर के कार्यकारी अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, महामंत्री के.एस शेखर, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (फैंस) के सदस्य अर्जुन सिंहा, वरिष्ठ पत्रकार रामबाबू सुमन, डॉ.सतीश कुमार, डॉ.ललित किशोर, डॉ.अनिल धवन, मुन्ना यादव, रविनंदन सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

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