बिहारराज्यलोकल न्यूज़

जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक में गरमा फसल आच्छादन, खाद की उपलब्धता और कृषि योजनाओं की  हुई समीक्षा

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०७ अप्रैल

उप-विकास आयुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक की गई। बैठक में जिला जन संपर्क अधिकारी कमल सिंह, जिला पशुपालन, पदाधिकारी प्रेम कुमार झा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में गरमा फसल आच्छादन, खाद की उपलब्धता और कृषि योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों का आवश्यक निर्देश दिए गए। डीडीसी ने सभी उर्वरक दुकानों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। डीडीसी के द्वारा निर्देशित किया गया कि जिले के वैसे प्रखंड जो बॉर्डर से लगते हैं उन प्रखंडों में उर्वरक दुकानों की संख्या कितनी है, इसका मैपिंग कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं साथ ही बॉर्डर एरिया के आस-पास के दुकानों का नियमित रूप से जांच करना सुनिश्चित किया जाए और उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले को चिन्हित कर विधि सम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की बिक्री करने और प्रतिदिन निरीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए पंजी संधारण अनिवार्य बताया। प्रभारी कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि अप्रैल माह में 232 दुकानों में छापामारी की गई। 39 में अनियमितता पाई गई। 11 का लाइसेंस निलंबित किया गया। 26 से स्पष्टीकरण पूछा गया एवं 02 के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई और 01 दुकान का लाइसेंस रद्द किया गया। आत्मा योजना के तहत प्रगतिशील कृषकों को बैठक में राज्य से बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजना और प्रशिक्षण बाद कार्य योजना पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिला उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास इत्यादि की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश उप-विकास आयुक्त के द्वारा दिए गए। पशुपालन विभाग के समीक्षा के क्रम में बताया गया कि केसीसी में सृजित आवेदनों के आलोक में बैंक द्वारा अप्रूवल की संख्या कम है। उप-विकास आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक आवेदनों को करना अप्रूव करना सुनिश्चित कराएं। वही लघु जल संसाधन के समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया कि जिले के सभी नलकूपों को चालू करना सुनिश्चित करें। विभाग द्वारा बताया गया कि 318 नलकूप के विरुद्ध 244 चालू अवस्था में है जबकि 74 किन्हीं कारणों से बंद है। बैठक में डीडीसी ने निर्देश दिया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं कृषि उपकरण समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखते हुए दोषियों पर कार्रवाई की जाए। चल रहे कृषि योजनाओं एवं सरकारी अनुदान का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए। फसल आच्छादन बढ़ाने एवं वैकल्पिक खेती जैसे:– दलहन-तिलहन तथा अन्य फसलों) को बढ़ावा देने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाए। मौसम के अनुरूप फसल प्रबंधन एवं किसानों को समय-समय पर तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कृषि विकास को गति प्रदान करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button