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जिलाधिकारी द्वारा की गयी पीएम सूर्य घर योजना और ज्ञान भारतम् मिशन की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत

20 अप्रैल तक हर चापाकल एवं हर नल करें दुरूस्त, 23 अप्रैल को टीम गठित कर होगी जांच, दोषी पर होगी कड़ी कार्रवाई

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १३ अप्रैल

गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन पूरी तरह सक्रिय हो गये हैं। आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक रणनीति तैयार करते हुए सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करने का सख्त निर्देश दिया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी श्री सेन ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अभियंताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें शहरी से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक जलापूर्ति की स्थिति एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कार्यपालक अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और कनीय अभियंता तक सभी अधिकारियों को पूरी तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बंद और खराब पड़े चापाकलों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए और हर घर तक ‘नल-जल’ योजना के तहत निर्बाध जलापूर्ति बहाल की जाय। यद्यपि संभावित गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा मार्च माह में ही प्रखंडवार 16 विशेष टीमों का गठन कर उन्हें क्षेत्र में भेजा गया था, ताकि समय रहते चापाकलों की मरम्मती और पाइपलाइन से जलापूर्ति की स्थिति को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब इस कार्य में और तेजी लाई जाय तथा 20 अप्रैल तक शत-प्रतिशत चापाकलों और नल-जल योजनाओं को सुचारू रूप से चालू किया जाए। उन्होंने कार्य प्रमंडल मुजफ्फरपुर एवं कार्य प्रमंडल मोतीपुर के कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने और खराब पड़े जल स्रोतों को शीघ्र ठीक कराने का निर्देश दिया। साथ ही उप विकास आयुक्त को पूरे कार्य की नियमित समीक्षा करने और प्रगति  लाने को कहा। जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर विशेष  टीम गठित करने का भी निर्देश दिया, जो प्रखंडवार चापाकलों और नल-जल योजनाओं की जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई अभियंता या कर्मी लापरवाह पाया जायेंगे, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल के अधिष्ठापन की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता और अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिले, इसके लिए जनजागरूकता बढ़ाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर उपभोक्ताओं से संपर्क स्थापित करें और सोलर पैनल स्थापना से जुड़ी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कनीय अभियंताओं के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक  अभियंता कम से कम 20 और शहरी क्षेत्रों में 35 उपभोक्ताओं के यहां सोलर पैनल एक सप्ताह में स्थापित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बैंकों के प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिया कि वे उपभोक्ताओं को ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग करें और योजना से संबंधित जानकारी सरल तरीके से प्रदान करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वर्तमान में प्राप्त सभी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन किया जाय और नये आवेदनों के लिए डिमांड सृजित की जाए। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक कार्यपालक अभियंता से यह पूछा जाएगा कि उन्होंने कितने उपभोक्ताओं और कितने बैंकों से संपर्क कर योजना में प्रगति लाई है। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा बैठक में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत जिले में 75 वर्ष पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों के सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य को भी मिशन मोड में संचालित करने और पोर्टल पर दस्तावेजों के अपलोड में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह मिशन देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रखंडवार लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने को कहा गया। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी की इस सख्ती और सक्रियता से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी और साथ ही सोलर ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

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