MGGP इंडिया फाउंडेशन (महात्मा गांधी ग्लोबल पीस फाउंडेशन) द्वारा रानू नीलम शंकर, अध्यक्ष, गांधी स्वराज आश्रम, कमलपुरा (पारू) मुजफ्फरपुर को प्रदान की गयी डॉक्टरेट की मानद उपाधि

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ मार्च
MGGP इंडिया फाउंडेशन (महात्मा गांधी ग्लोबल पीस फाउंडेशन) भुवनेश्वर द्वारा रानू नीलम शंकर, अध्यक्ष, गांधी स्वराज आश्रम, कमलपुरा (पारू) मुजफ्फरपुर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गयी. संस्था के कार्यकारी निदेशक (भारत) डॉ.हृषिकेश आचार्य नें बताया की MCA, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में पंजीकृत एक ISO-9001 प्रमाणित अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो शांति और मानवता के गांधीवादी दर्शन को बढ़ावा देती है। सामाजिक गतिविधियों, गांधीवादी संस्कृति, शांति, मानवीय सेवा को बढ़ावा देने और गांधीवादी शांति संस्कृति के बारे में राष्ट्र के ज्ञान और समझ को विकसित करने में हमारे सहयोग के लिए रानू नीलम शंकर को गांधीवादी दर्शन, शांति और मानवता में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है. उन्होंने बताया की पिछले विगत 23 वर्षों से गांधी के ऊपर काम करने के लिए गांधी का शांति का संदेश साथ ही गांधी मार्ग पर चलने के उद्देश्य से काम करने वाले मुजफ्फरपुर जिला (पारु ब्लॉक) के युवा समाज सेवी रानू शंकर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है. गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता रानू शंकर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि के लिए निर्गत प्रमाण पत्र डॉ.माइक लिटमैन, वैश्विक निदेशक, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं डॉ. हृषिकेश आचार्य, कार्यकारी निदेशक, भारत के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी किया गया है। कमलपुरा ग्राम निवासी गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता रानू नीलम शंकर को यह सम्मान गांधी के शांति व सत्य अहिंसा के संदेश को घर घर तक पहुंचाने का किए जा रहे काम तथा अपने गांव कमलपुरा स्थित गांधी आश्रम के विकास व उसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयास को लेकर दिया गया। इस संबंध में रानू नीलम शंकर ने बताया कि उन्हें सम्मान के लिए चयनित किए जाने की सूचना पत्र द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि बीते 23 वर्षों से कमलपुरा स्थित गांधी आश्रम, जिसकी स्थापना स्वयं महात्मा गांधी ने 1934 में अपने बिहार प्रवास के दौरान स्वयं की थी, उसके विकास, आश्रम को गांधी सर्किट से जोड़कर इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमलपुरा गांधी आश्रम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और मेरे दादा की स्मृतियां जुडी है, जिसके कारण आश्रम से उनका भावनात्मक लगाव है और इस आश्रम को वे देशस्तर पर दर्शनीय स्थल व चर्चित गांधी जी के चर्चित स्मृति स्थल बनाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।





