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रामदयालु सिंह महाविद्यालय गणित विभाग, आइक्यूएसी, एमटीएस एवं एनबीएचएम के संयुक्त तत्वावधान में मैथमेटिक्स ओवर्चर पर कार्यशाला आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ मार्च

रामदयालु सिंह महाविद्यालय गणित विभाग, आइक्यूएसी, एमटीएस एवं एनबीएचएम, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में मैथमेटिक्स ओवर्चर पर आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन समापन समारोह में शिव नादर विश्वविद्यालय के प्रो.ए. सत्यनारायण रेड्डी ने कहा कि गणित जीवन की एक अनिवार्य भाषा है। इसे सभी लोगों को सीखना चाहिए। गणित प्रकृति के पैटर्न को समझने और दुनिया को सुव्यवस्थित रूप में देखने में मदद करता है। इस वर्कशॉप में छात्रों को न केवल गणित को सरल तरीके से हल करना सीखाया गया बल्कि क्यों और कैसे पर विचार करने के लिए भी प्रेरित किया गया ताकि वे किसी भी तरह की समस्या का समाधान कर सके। आईआईटी, दिल्ली के डॉ.सच्चिदानंद प्रसाद ने कहा कि दो दिनों से चल रहे इस सत्र में गणित को सरल और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कई प्रविधियों पर काम किया गया। निश्चित रूप से यह वर्कशॉप शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी साबित हुआ। छात्रों ने अपने गणितीय विचारों को मौखिक और लिखित रूप से व्यक्त करने का तरीका भी सीखा। प्राचार्य डॉ.शशि भूषण कुमार ने गणित की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित का ज्ञान न केवल अकादमिक सफलता सुनिश्चित करता है, बल्कि छात्रों को तकनीकी और अनुसंधान आधारित नौकरियों के लिए तैयार कर करियर के बेहतर अवसर प्रदान करता है। दो दिनों का वर्कशॉप छात्रों और शिक्षकों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ है। इसके लिए उन्होंने गणित विशेषज्ञों एवं गणित विभाग के सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया। समन्वयक डॉ.भगवान कुमार ने कहा कि दो दिवसीय वर्कशाप में शिक्षकों और छात्रों को गणित के सरलीकरण को समझने का मौका मिला है। आज के दौर में गणित विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की रीढ साबित हो रहा है। यह ब्रह्मांड के नियमों को भी समझने में मदद करता है।  इस अवसर पर  विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेज से आए 58 प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया। कुल चार एकेडमिक सत्रों में एमटीएस शिक्षण पद्धति, रियल एनालिसिस और फाउंडेशन जैसे विषयों पर विस्तार से विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला। ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से छात्रों ने गणित की भाषा को समझा। मौके पर गणित विशेषज्ञ डॉ.अशोक कुमार साह, डॉ. आलोक त्रिपाठी, प्रो.भोला मोहाली, डॉ.रजनीकांत पांडे, डॉ.जयदीप घोष एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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