मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण व विकास हेतु जिला स्तरीय बैठक संपन्न

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २० मार्च
बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि जिले में बाल कल्याण से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक के दौरान बताया गया कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिले में तीन बाल देखरेख संस्थान संचालित हैं, जिनमें पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की कमी को दूर करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पर्यवेक्षण गृह के लिए संगीत शिक्षक एवं कंप्यूटर शिक्षक तथा बाल गृह के लिए सामान्य शिक्षक एवं विशेष शिक्षक की प्रतिनियुक्ति करने पर सहमति बनी। उप-विकास आयुक्त ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी बाल देखरेख संस्थानों का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में परवरिश योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में पारू, बंदरा, बोचहा, मुरौल एवं साहेबगंज प्रखंडों में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस को आवश्यक निर्देश दिए गए। वर्तमान में इस योजना के तहत जिले में कुल 845 लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं, जिसे बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज करने को कहा गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की समीक्षा करते हुए प्रखंड स्तर पर लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। इस संबंध में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को एक सुव्यवस्थित प्रणाली विकसित कर लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए गए। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई। श्रम अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि प्रखंड स्तर पर सघन अभियान चलाकर बाल श्रम में संलिप्त बच्चों को मुक्त कराया जाए। साथ ही मुक्त कराए गए बच्चों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे पुनः श्रम में न लौटें। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय परिषद से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट एवं 45 फाइनल फॉर्म के शीघ्र निष्पादन हेतु पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को आवश्यक निर्देश दिए गए। मिशन वात्सल्य पोर्टल पर बच्चों से संबंधित सूचनाओं की नियमित प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को निर्देशित किया गया।





