महिला सशक्तिकरण के लिए समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी, किशोरी बालिकाओं को सशक्त बनाकर अगली पीढ़ी में व्यापक परिवर्तन संभव: रिची पाण्डेय, डीएम
सीतामढ़ी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०८ मार्च
सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में महिला एवं बाल विकास निगम, जीविका, कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिले में महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में महिलाओं की बढ़ती मतदान भागीदारी इसका स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात के मामले में जिला ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के बीच संस्थागत प्रसव की संख्या में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने लिंग भेदभाव को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। जीविका के माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कार्यालयों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण का लाभ उठाते हुए महिला जनप्रतिनिधि अब आत्मविश्वास के साथ अपनी बात स्वयं कार्यालयों तक पहुंचा रही हैं। शिक्षा विभाग द्वारा भी यह सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जा रही है कि बालिकाएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान पढ़ाई बीच में न छोड़ें। जिला प्रशासन की रणनीति में किशोरी बालिकाओं को सशक्त बनाकर अगली पीढ़ी में व्यापक परिवर्तन लाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त है, ताकि बालिकाओं के अधिकारों का हनन रोका जा सके। साथ ही दहेज प्रथा और दहेज उत्पीड़न के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि समाहरणालय परिसर में क्रेच का संचालन किया जा रहा है तथा पुलिस लाइन में भी क्रेच स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा कन्या उत्थान योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही परिहार प्रखंड के बथुआरा पंचायत को बाल विवाह निषेध से संबंधित टीम को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला उत्थान के लिए सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) निशि कांत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर से करनी चाहिए। कार्यक्रम में यातायात पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी द्वारा पौधरोपण भी किया गया। कार्यक्रम में जीविका टीम के साथ डीपीएम उमा शंकर भगत, डीपीएम इजाजूल अंसारी, यूनिसेफ उड़ान परियोजना व प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार, केंद्र प्रशासक शबनम कुमारी, डीएमसी देवजीत चक्रवर्ती, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी मुकुंद चौधरी, पिरामल के अभिषेक राज, अदिति संस्था की माधुरी कुमारी, विकास कुमार, महिमा कुमारी, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका, कार्यालय कर्मी सहित बड़ी संख्या में जीविका की दीदियां उपस्थित थीं।







