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बी.आर. अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मनोविज्ञान विभाग और मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो सप्ताह का ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स संपन्न

रिफ्रेशर कोर्स का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय मनोविज्ञान की प्राचीन परंपराओं, सांस्कृतिक गहराई और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता से अवगत कराना- प्रो.दिनेश चन्द्र राय

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २८ मार्च

बी.आर.अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मनोविज्ञान विभाग और मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो सप्ताह का ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स “भारतीय मनोविज्ञान: परंपरा, संस्कृति और समकालीन संदर्भ”सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में विषय विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों और समकालीन मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान में इसकी भूमिका पर चर्चा की। समापन सत्र के मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता प्रो.जनक पांडेय ने प्रतिभागियों को भारतीय मनोविज्ञान के सांस्कृतिक एवं समकालीन संदर्भों में शोध कार्यों के लिए मार्गदर्शन किया। भारतीय मनोविज्ञान के ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में उन्होंने प्रो.आनंदी हजारी एवं प्रो.विमलेश्वर डे को भी याद किया। कुलपति प्रो.दिनेश चन्द्र राय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सफल रिफ्रेशर कोर्स के समापन पर विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग को बधाई दी और भविष्य में औफलाईन रिफ्रेशर कोर्स कराने के लिए भी आश्वासन दिया। कुलपति ने कहा की कोर्स का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय मनोविज्ञान की प्राचीन परंपराओं, सांस्कृतिक गहराई और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता से अवगत कराना था। MMTTC के निदेशक प्रो.सतीश कुमार राय ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए अपने भाषण में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष के कर्मठता एवं अकादमिक सक्रियता की सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.रजनीश कुमार गुप्ता ने कहा की यह पाठ्यक्रम ऑनलाइन मोड में आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत मार्च 2026 के मध्य में हुई थी और समापन 28 मार्च 2026 को हुआ। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के मनोविज्ञान के शिक्षकों ने भाग लिया, जिन्हें भविष्य में बेहतर शिक्षण और शोध के लिए प्रशिक्षित किया गया। दो सप्ताह की अवधि के दौरान प्रतिदिन विशेषज्ञों द्वारा सत्र संचालित किए गए, जिनमें वैदिक दर्शन, आध्यात्मिक अध्ययन और मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के समकालीन अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई। सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे, जो उनके शैक्षणिक करियर और पदोन्नति (CAS) के लिए मान्य होंगे। उन्होंने कोर्स के दौरान प्रतिभागियों की नियमित उपस्थिति, लगन एवं समर्पण के लिए साधुवाद दिया। प्रतिभागियों ने भी कोर्स का फीडबैक देते हुए रिफ्रेशर कोर्स को “गागर में सागर” भरने के समान बताया। कोर्स समन्वयक डॉ.अंकिता सिंह नें धन्यवाद ज्ञापित किया.

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