बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर विभिन्न महाविद्यालयो में चल रहे दो दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार लगातार दूसरे दिन भी रहा जारी

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ मार्च
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर लंगट सिंह महाविद्यालय में चल रहा दो दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के कारण महाविद्यालय के समस्त प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ा। महाविद्यालय इकाई के द्वारा कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ‘उदासीन कार्यशैली’ के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ प्रदेश महासचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल सांकेतिक विरोध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। आंदोलन की मुख्य मांगों में तृतीय श्रेणी कर्मियों की अविलंब प्रोन्नति एवं एमएसीपी लाभ, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन और बकाया वेतन का त्वरित भुगतान तथा विशेष रूप से वोकेशनल कोर्स के कर्मियों का समायोजन एवं उनके लंबित मानदेय का निस्तारण शामिल है। बीआरएबीयू कर्मचारी संघ के सचिव गौरव नें कहा कि हमने बार-बार स्मार पत्र के माध्यम से प्रशासन को जगाने का प्रयास किया, किंतु हमारी जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब तक 11 सूत्री मांगों का समाधान नहीं होता, यह वैचारिक और धरातलीय संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। प्रदर्शन में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर कार्यकारिणी के सदस्यों सहित अन्य कई कर्मचारी अपनी जायज मांगों की पूर्ति हेतु महाविद्यालय परिसर में धरने पर बैठकर प्रदर्शन में शामिल रहे, जिनमें बीआरएबीयू कर्मचारी संघ के सुरेश राय सहित लंगट सिंह महाविद्यालय के आनंद चक्रपाणि, सत्येंद्र कुमार, रमण कुमार सिंह (लालबाबू सिंह), ऋषि कुमार, विनोद कुमार, रणविजय कुमार, संजय कुमार सिंह, लालबाबू पटेल, फेकन पासवान, विश्वनाथ सिंह, अमित कुमार, सुधीर कुमार, मनोज शर्मा सुनील कुमार, चिंटू कुमार सहित बड़ी संक्या में शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित थे।





