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बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालने के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ की बैठक

बैठक में बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ.रॉबर्ट एल. चोंगथू, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष गिरीश चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, ३० मार्च

बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालने के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने पटना स्थित बिहार लोक भवन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सुधारों, परीक्षाओं के समय पर आयोजन और विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता लाने पर चर्चा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. रॉबर्ट एल. चोंगथू, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष गिरीश चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति नें उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और विद्यार्थी कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा प्रणाली को समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने तनावमुक्त और सशक्त नेतृत्व को बढ़ावा देने, आपसी विश्वास को मजबूत करने और राज्य की उपलब्धियों के व्यापक प्रसार के लिए एक प्रभावी सार्वजनिक संचार तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने कुलपतियों को बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने और अपने कार्यों के माध्यम से सक्षमता, शक्ति और आत्मविश्वासपूर्ण नेतृत्व का प्रदर्शन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि वे समस्याओं के बजाय उनके समाधान के साथ उनके पास आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी के प्रभाव में नहीं आएंगे और सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। कुलपतियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अनुभव और जमीनी समझ के आधार पर विश्वविद्यालयों की समस्याओं को स्वयं हल करने का प्रयास करना चाहिए। बैठक में विश्वविद्यालयों के कामकाज के स्वचालन के लिए समर्थ (Samarth) मॉड्यूल, छात्रों के लिए APAAR ID, ‘उन्नत भारत अभियान’ के तहत गांवों को गोद लेने और रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना थी। शिक्षा मंत्री श्री कुमार नें बताया की यह बैठक बिहार की उच्च शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें सत्र नियमित करने और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए चल रही पहलों पर चर्चा की गयी। 

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