बड़ी योजनाओं से संबंधित भूमि की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित कराई जाए : गिरिवर दयाल सिंह, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल

ध्रुव कुमार सिंह, मोतिहारी, बिहार, ०९ मार्च
तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा है कि सरकार की बड़ी एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र पहुंच सके। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार के स्तर से प्राप्त मांग के अनुरूप भूमि से संबंधित प्रस्तावों को यथाशीघ्र तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाए। आयुक्त ने ये निर्देश पूर्वी चंपारण जिला के मोतिहारी में राजस्व शाखा तथा अपर समाहर्ता कार्यालय के निरीक्षण के दौरान दिए। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, आयुक्त के सचिव संदीप कुमार प्रियदर्शी, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, प्रभारी पदाधिकारी राजस्व शाखा, डीसीएलआर सहित राजस्व शाखा के सभी कर्मी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज तथा सहायक समाहर्ता भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे प्रशासन की उपयोगिता सिद्ध होती है और आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होता है। उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न प्रकार के वादों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए तथा निचली अदालतों से संबंधित अभिलेखों को अनावश्यक रूप से जिला स्तर पर लंबित न रखा जाए। आवश्यकतानुसार अभिलेखों को संबंधित स्तर पर भेजकर मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त ने कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव और संधारण की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखे जाएं तथा रजिस्टरों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कर्मपुस्त, आवेदन पंजी, उपस्थिति पंजी, आकस्मिक अवकाश पंजी तथा अनुक्रमणी पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण पंजीयों का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिनांक 1 अप्रैल 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 56,357 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 49,642 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 88.07 प्रतिशत है। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। राजस्व वसूली की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए जिले को 2,609 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 31 जनवरी 2026 तक 1,410 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 54 प्रतिशत है। आयुक्त ने राजस्व वसूली के कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण से संबंधित कार्यों में सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रियता के साथ कार्य करना चाहिए। सैरात बंदोबस्ती एवं अद्यतन वसूली की समीक्षा में बताया गया कि जिले में लगभग 1.67 करोड़ रुपये मूल्य के सैरातों की बंदोबस्ती की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 35.95 लाख रुपये की वसूली की गई है। आयुक्त ने अधिकारियों से सैरात की बकाया वसूली से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली और बंदोबस्ती तथा वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। परिमार्जन से संबंधित मामलों की समीक्षा में बताया गया कि अब तक कुल 1,38,440 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,11,824 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 2,778 आवेदनों को कारण सहित वापस कर दिया गया है। आयुक्त ने शेष लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र) से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता द्वारा बताया गया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कुल 81391 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 57910 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 22857 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में केवल 624 आवेदन लंबित हैं। आयुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कार्यालय की उपस्थिति व्यवस्था की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मी बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं तथा सभी राजस्व कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली कार्यरत है। आयुक्त ने इसे प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए इसे नियमित रूप से प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता को त्वरित एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करना है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ करें तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए सक्रिय प्रयास करें।






