पुलिस उप-महानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर के पुलिस अधीक्षकों के साथ आहूत समीक्षा बैठक में लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियत्रंण एवं विधि-व्यवस्था संधारण को बेहतर करने का निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २३ मार्च
पुलिस उप-महानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र चंदन कुमार कुशवाहा की अध्यक्षता में वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर कांतेश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, सीतामढ़ी अमित रंजन, पुलिस अधीक्षक, वैशाली विक्रम सिहाग, पुलिस अधीक्षक, शिवहर शुभांक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर नगर मोहिबुल्लाह अंसारी, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण मुजफ्फरपुर, राजेश सिंह प्रभाकर, सहायक पुलिस अधीक्षक-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरैया मुजफ्फरपुर गरिमा एवं थानाध्यक्ष सरैया (परिविक्ष्यमान भापुसे) प्रसन्ना कुमार एम.वी. के साथ मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई जिसमें लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियत्रंण एवं विधि-व्यवस्था संधारण को बेहतर से बेहतर करने आदि बिन्दुओं पर निर्देश दिया गया बैठक में सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ आगामी रामनवमी, चैत्र नवरात्रि, चैत्र छठ के अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने हेतु CCA-3 / CCA-12 (2) का अधिकाधिक प्रस्ताव समर्पित कराने, असमाजिक तत्वों एवं गुण्डा पंजी में अंकित व्यक्तियों पर निरोधात्मक कार्रवाई कर प्रतिबंधित कराने, सवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर दण्डाधिकारियों/ पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कराने तथा शांति समिति का बैठक कराने का निर्देश दिया गया। क्षेत्रान्तर्गत जिले में लंबित कांडों के निष्पादन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि माह माह फरवरी-2026 में तिरहुत क्षेत्रान्तर्गत के जिलों में कुल 3607 कांड दर्ज किये गये थे, जिसके विरूद्ध 4189 कांडों का निष्पादन किया गया है। इस प्रकार माह फरवरी में प्रतिवेदित कांडों की तुलना में 582 अधिक कांडों का निष्पादन किया गया। लंबित कांडो का अनुसंधान त्वरित गति से पूर्ण कराते हुए कांडों को निष्पादित कराने एवं लंबित कांडों की संख्या में कमी लाने का निर्देश दिया गया। समीक्षोपरांत 04 कांडों से कम कांडों का निष्पादन करने वाले 44 निकृष्ट अनुसंधानकत्तओं के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही (जाँच) प्रारंभ की गई है और इसी प्रकिया को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। वैसे अनुसंधानकर्ता जो 04 से कम कांडों का निष्पादन करेंगे अथवा अनुंसधान में लापरवाह प्रदर्शन करेंगे उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही (जाँच) की कार्रवाई की जायेगी। क्षेत्रान्तर्गत वैसे अनुसंधानकर्ताओं, जिनके पास अनुसंधान हेतु कम कांड है तो नये सिरे से कांडों का प्रभार थाना में पदस्थापित सभी अनुसंधानकर्ता के बीच समानुपातिक स्तर पर बँटवारा करने का निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिया गया। कांडों के अनुसंधान के क्रम में नाम-पता का सत्यापन, वाहन सत्यापन, सी०डी०आर० एवं टी०एल० प्राप्त करने हेतु एवं अनुद्भेदित कांडों को चिन्हित कर उन कांडों में लंबित कार्रवाई पूर्ण करने हेतु अनुसंधान का समय सीमा एवं लक्ष्य निर्धारित कर कांडों का त्वरित निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के क्रम में मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत अविशेष कोटि के प्रतिवेदित कांडों की तुलना में कम संख्या में कांडों का निष्पादन कराने के लिए लापरवाह अंचल पुलिस निरीक्षकों को चिन्हित कर उनसे अपने स्तर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर को निर्देश दिया गया। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि सीतामढ़ी जिलान्तर्गत अविशेष कोटि के क्रमशः प्रतिवेदित 149 एवं 147 कांडों की तुलना में क्रमश 132 एवं 127 कांडों का ही निष्पादन कराने के लिए अंचल पुलिस निरीक्षक सुरसंड / पुपरी से अलग से स्पष्टीकरण की माँग की जा रही है। इसी प्रकार वैशाली जिलान्तर्गत महुआ अनुमंडल में दर्ज 66 विशेष प्रतिवेदित कांडों की तुलना में मात्र 49 कांडों का निष्पादन कराने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी महुआ से कारण पृच्छा की जा रही है। कांडों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी – 01 के द्वारा अपने क्षेत्राधिकार के 46 विशेष प्रतिवेदित कांडों की तुलना में 82 विशेष प्रतिवेदित कांडों का निष्पादन कराया गया है। इसी प्रकार सहायक पुलिस अधीक्षक, सरैया द्वारा अपने क्षेत्राधिकार अन्तर्गत दर्ज 63 विशेष कोटि के कांडों के विरूद्ध 98 विशेष कोटि के कांडों का निष्पादन कराया गया है, जो प्रसंशनीय कार्य है। इस सराहनीय कार्य के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक, सरैया एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी – 01 मुजफ्फरपुर को प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया जा रहा है। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि क्षेत्रान्तर्गत जिलों में कांडों में फिरार अभियुक्तों के विरूद्ध 1721 वारंट, 280 इश्तेहार एवं 73 कुर्की जप्ती अधिपत्र प्राप्त है, जिसे अभियान चलाकर तामिला करने का निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिया गया है। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि जिला के सभी शाखाओं की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) द्वारा एवं माह में एक बार स्वंय अपने स्तर से भी किया जाए ताकि शाखाओं के लंबित कार्यो एवं कार्यशैली पर उचित नियत्रंण रखा जा सकें। तिरहुत क्षेत्रान्तर्गत जिलो में विसरा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु कुल 97, अन्त्य परीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु कुल 141 एवं जख्म जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु कुल 1571 मामले लंबित है। सभी पुलिस अधीक्षकों को एफएसएल से विसरा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करने तथा हाल में शुरू हुए MedLEaPR (Medico legal examination and postmortem Reporting system application) पूर्ण संचालन हेतु सिविल सर्जन के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से अन्त्य परीक्षण एवं जख्म जाँच प्रतिवेदन MedLEaPR एप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त कराने का निर्देश दिया गया ताकि कांडों के निष्पादन में तेजी लायी जा सकें। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि तिरहुत क्षेत्रान्तर्गत जिलों में शस्त्र बरामदगी से संबंधित कुल 105 कांड अभियोजन स्वीकृत्यादेश प्राप्त करने हेतु लंबित है, जिसे जिला पदाधिकारी कार्यालय से समन्वय स्थापित कर प्राप्त कराने एवं कांडों को यथाशीघ्र निष्पादित कराने का निर्देशित किया गया। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि शस्त्र बरामदगी वाले कांडों में सभी कार्रवाई पूर्ण कराते हुए कांडों को एक माह के अंदर निष्पादित करवाना सुनिश्चित करें। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि तिरहुत क्षेत्रान्तर्गत जिलों में एनडीपीएस एक्ट के 363 कांड लंबित है, जिसमें 253 कांड विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्रदर्श का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु लंबित है। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि निदेशक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला से समन्वय स्थापित कर प्रदर्शो का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करायें ताकि कांडों का त्वरित गति से निष्पादन कराया जा सकें। पूर्व के कांडों में माननीय न्यायालय से जमानत प्राप्त कर जमानत के शर्तो का उल्लंघन करने वाले, अनुसंधान में पुलिस को सहयोग नहीं करने वाले, पुनः अपराध की घटना कारित करने वाले अपराधियों के विरूद्ध जमानत रद्दीकरण की कार्रवाई कराने एवं वैसे अपराधकमियों के जमानतदारों का सत्यापन कराने का निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिया गया। स्पीडी ट्रायल में साक्षियों की उपस्थिति एवं अन्य कार्यो की मॉनिटरिंग प्रतिदिन पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारी से कराने का निर्देश दिया गया। क्षेत्रान्तर्गत जिलों में पर्यवेक्षण हेतु लंबित कांडों में कमी लाने हेतु अतिरिक्त पर्यवेक्षी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी पुलिस अधीक्षकों को पर्यवेक्षण हेतु लंबित कांडों की नियमित समीक्षा कर इसे शून्य पर लाने का निर्देश दिया गया। क्षेत्रान्तर्गत जिलों में थाना मालखाना का प्रभार सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। वैसे थाना जहाँ मालखाना प्रभार में समस्या है, को चिन्हित कर उक्त थानों के लिए दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कराकर वस्तु सूची (inventory) बनाकर मालखाना का प्रभार सम्पन्न कराने का निर्देश दिया गया। सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने जिले के बैंक, गैर बैकिंग वित्तीय संस्थान के प्रमुख एवं ग्राहक सेवा केन्द्रों, ज्वेलरी शॉप के प्रोपराइटरों के साथ संस्थान की सुरक्षा संबंधी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। धारा-107 बीएनएसएस के तहत वैसे अपराधकर्मी जो अपराध कारित कर सम्पति अर्जित करते हैं, को चिन्हित कर संपति अधिहरण हेतु अधिकाधिक प्रस्ताव समर्पित कराने का निर्देश दिया गया। क्षेत्रान्तर्गत जिलों में 8965 ई-सम्मन लंबित है, जिसे अविलंब निष्पादन कराने हेतु सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया। 07 वर्ष या उससे अधिक सजा के कांडों में कारा से मुक्त होने वाले अपराधकर्मियों का ई-डोजियर खोलने एवं ई-डोजियर में उसके सगे-सम्बंधियों, जमानतदारों, आश्रयदाताओं की पूर्ण विवरणी की प्रविष्टि कराने का निर्देश दिया गया। सभी पुलिस अधीक्षकों को लोक अभियोजक, एपीपी, जिला अभियोजन पदाधिकारी, कोर्ट प्रभारी एवं कोर्ट नयाब के साथ एक बैठक कर पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्गत पुलिस आदेश 331/25 में दिये गये निर्देशों का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया।




