बिहारराज्यलोकल न्यूज़

जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रम अधीक्षक द्वारा गठित धावा दल नें बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु चलाया सघन जांच अभियान, विभिन्न प्रतिष्ठान/होटल से 9 बाल श्रमिक को कराया गया विमुक्त

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १९ मार्च

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश के अनुसार श्रम अधीक्षक अजय कुमार के द्वारा गठित धावा दल बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु मुजफ्फरपुर नगर निगम एवं मुजफ्फरपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र, कांटी, मड़वन, कुढ़नी, मीनापुर अंतर्गत विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में धावा दल की टीम के द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। श्रम अधीक्षक श्री कुमार नें बताया जांच के क्रम में विभिन्न प्रतिष्ठान, होटल से 9 बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, मुजफ्फरपुर के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है। बाल एवं किशोर श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत  नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को ₹20000 से ₹50000 तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एम.सी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार1996 में दिए गए आदेश के आलोक में  नियोजकों से ₹20000 प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी जो जिलाधिकारी के पदनाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाएगा। इस राशि को जमा नहीं कराने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा। इस धावा दल टीम के संयोजक श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मुसहरी, पूजा कुमारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कुढ़नी, प्रकाश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रमेश रंजन प्रसाद मड़वन, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सूर्यकांत कुमार मीनापुर एवं सदस्य के रूप में  श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी डॉ.रश्मि राज मुरौल, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शशांक शेखर, सरैया श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बोचहा रंजीत मिश्रा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बंदरा तान्या श्री, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कटरा संजय कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी गायघाट मो.अली, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी औराई अवंत कुमार एवं थाना कुढ़नी सदर, रामपुर हरि कांटी, मड़वन के पुलिसकर्मी  शामिल थे। धावा दल टीम के द्वारा सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान में सघन जांच की गई तथा सभी नियोजको से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार के द्वारा बताया गया कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा मुजफ्फरपुर शहर के साथ-साथ सभी अनुमंडल मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालयों में भी  धावा दल संचालित  किया  जाएगा तथा बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले नियोजकों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button