एसएनए स्पर्श व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में आएगी तेजी

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०१ मार्च
मुजफ्फरपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और लाभार्थियों तक जननी सुरक्षा योजना एवं परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण लाभ पहुँचाने के लिए ‘एसएनए स्पर्श’ (SNA SPARSH) प्रणाली को मिशन मोड में लागू किया गया है। इस नई वित्तीय व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी धन के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता लाना और भुगतान की प्रक्रिया को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त कर समयबद्ध बनाना है। एसएनए स्पर्श व्यवस्था के माध्यम से अब आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के प्रोत्साहन राशि एवं वेतन का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में सुनिश्चित किया जा रहा है। इस डिजिटल पहल से न केवल कार्यप्रणाली में सुधार आया है, बल्कि कागजी कार्रवाई की जटिलता भी कम हुई है। जिले के औराई, बोचहां, गायघाट, कटरा, मीनापुर, मोतीपुर, मुरौल और मुशहरी जैसे प्रखंडों ने आशा एवं फैसिलिटेटरों की ‘दाता पहचान संख्या’ (पेई आईडी) बनाने में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त कर ली है। 27 फरवरी 2026 तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कोषागार को भेजे गए दावों का कुल योग (ग्रैंड टोटल) 4,12,54,927 रुपये है। इस भुगतान प्रक्रिया में जिला स्वास्थ्य समिति मुजफ्फरपुर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है अन्य मदों की बात करें तो कर्मियों के वेतन मद में सबसे बड़ी राशि 2.99 करोड़ रुपये का क्लेम भेजा गया है। जिले की आशा कार्यकर्ताओं के लिए 53,25,565 रुपये की राशि निर्धारित की गई है और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने वाली जननी सुरक्षा योजना के तहत 12,87,400 रुपये के भुगतान की प्रक्रिया की गई है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्यों के लिए 46.56 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। एसएनए स्पर्श पोर्टल को अपनाने के शुरुआती दौर में आईडी निर्माण और नए तकनीकी नियमों के अनुपालन में कुछ कठिनाइयां जरूर आईं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के कारण अब यह व्यवस्था पूरी तरह सुचारू हो गई है। साहेबगंज प्रखंड में 6.30 लाख और सकरा स्वास्थ्य केंद्र में 33.54 लाख रुपये जैसे सफल भुगतान इस बात का प्रमाण हैं कि अब जिला स्तर पर मानदेय और बिलों के भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होगा। इस नई उपलब्धि पर चर्चा करते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) रेहान अशरफ ने कहा कि एसएनए स्पर्श पोर्टल के लागू होने से मुजफ्फरपुर के स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय पारदर्शिता का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि डीएचएस मुजफ्फरपुर और विभिन्न प्रखंडों के माध्यम से कुल 4.12 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का कोषागार को भेजा जाना पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उनका लक्ष्य है कि चाहे वह जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी महिला हो या समर्पित आशा कार्यकर्ता, किसी का भी भुगतान लंबित न रहे। अब हर लेनदेन की सटीक डिजिटल निगरानी करना बहुत सरल हो गया है। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रणाली में जवाबदेही तय हुई है। डिजिटल माध्यम से सीधे खाते में राशि पहुँचने से स्वास्थ्य कर्मियों में सरकार के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और भी सुधार देखने को मिलेगा।




