बिहारराज्यलोकल न्यूज़

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं सिविल कोर्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं हुई सम्मानित

समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व आज पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है- श्वेता कुमारी सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०८ मार्च

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं सिविल कोर्ट के संयुक्त तत्वावधान में मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। जिले के विभिन्न विभागों, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग, जीविका, खेल तथा समाहरणालय से जुड़ी महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान और उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों और उनकी उपलब्धियों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी राष्ट्र की प्रगति तब तक संभव नहीं है जब तक महिलाएं शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर न हों। जिलाधिकारी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। प्रशासनिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, खेल, उद्योग और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाओं ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे जिले की महिलाएं भी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। जिलाधिकारी ने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व आज पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा की सशक्त भारत के निर्माण के लिए बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कान्तेश कुमार मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अपील करते हुए कहा की महिलाएँ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। कार्य की व्यस्तता के बीच भी समय पर भोजन करने की आदत डालें। किसी भी असुरक्षा की स्थिति में पुलिस को सूचित करें और ‘डायल 112’ जैसी सेवाओं का उपयोग करें। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को सामूहिक शपथ दिलाई गई। शपथ में महिलाओं को अधिक से अधिक आजीविका से जोड़ने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा श्रमबल में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया साथ ही महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न का विरोध करने तथा “सुरक्षित रास्ता, विकास का रास्ता” का संदेश समाज तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया गया। इसके साथ ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने, कानून की जानकारी फैलाने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह न होने देने का भी संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने लैंगिक समानता, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा समाज में बेटियों और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जीविका के जिला संकुल स्तरीय संघ एवं ग्राम संगठन स्तर पर भी महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, बाल लिंगानुपात तथा बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष चर्चा एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया साथ ही महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए “नई चेतना पहल” के तहत “सुरक्षित रास्ता, विकास का रास्ता” और “घर का काम, सबका काम” जैसे संदेशों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। बाल विवाह के विरुद्ध सघन अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया तथा इसे स्पष्ट कार्य योजना के साथ क्रियान्वित करने की बात कही गई। कार्यक्रम के दौरान एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि एनीमिया महिलाओं में एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है, जिससे बचाव के लिए संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक है। समारोह में सम्मानित होने वाली महिला कर्मियों ने इस सम्मान के लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि महिलाएं अपनी शक्ति और क्षमता को पहचानें तथा आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें। उपस्थित अधिकारियों ने भी यह संकल्प लिया कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। महिला दिवस के इस विशेष आयोजन ने न केवल महिला स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि महिला सशक्तिकरण ही स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button