वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026: पहले दिन ही डीएम-एसएसपी ने किया केंद्रों का औचक निरीक्षण, कदाचार पर जीरो टॉलरेंस, 82 केंद्रों पर सख्त सुरक्षा घेरा, 200 गज तक निषेधाज्ञा लागू
शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए प्रशासन एलर्ट एंड एक्टिव, समय से प्रवेश अनिवार्य, जूता-मोजा व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित—स्वच्छ व निष्पक्ष परीक्षा को प्रशासन प्रतिबद्ध

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १७ फ़रवरी
वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के प्रथम दिन के प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कन्तेश कुमार मिश्रा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारीद्वय ने महिला शिल्प कला महाविद्यालय सहित कई अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था, सघन तलाशी एवं प्रवेश की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षक को परीक्षा संचालन नियमावली का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवेश द्वार पर स्टैटिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में सघन फ्रिस्किंग कराने, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण रोक लगाने तथा प्रत्येक परीक्षार्थी की कड़ाई से फ्रिस्किंग करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा भवन के भीतर प्रवेश न कर सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 30 मिनट पूर्व परीक्षा भवन में प्रवेश करना अनिवार्य है। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से प्रारंभ है, जिसके लिए अधिकतम 9:00 बजे तक ही प्रवेश दिया जा सकता है। वहीं द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2:00 बजे से शुरू है और 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले विद्यार्थियों को संबंधित पाली की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 17 फरवरी से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। शहर में संभावित भीड़ एवं यातायात दबाव को देखते हुए परीक्षार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी परीक्षार्थी की किसी पाली की परीक्षा छूट जाती है तो घबराने और परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षा समाप्ति के कुछ ही दिनों बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें संबंधित परीक्षार्थी अपने छूटे हुए विषय या संपूर्ण परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। इससे उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होगा। नियमित एवं विशेष परीक्षा के परिणामों के प्रकाशन में लगभग तीन से चार माह का अंतर रहता है। जिलाधिकारी ने परीक्षा संचालन नियमावली का हवाला देते हुए बताया कि परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात हैं, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच, व्हाइटनर, इरेज़र सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं वर्जित उपकरणों के लाने एवं उपयोग पर पूर्ण रोक है। परीक्षा कक्ष में न तो परीक्षार्थी और न ही वीक्षक मोबाइल फोन लेकर जाएंगे। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं पुलिस बल अपने-अपने कर्तव्य का निर्वहन करते पाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्वच्छ , शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा के संचालन हेतु सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान व्यवस्था बनाये रखने में प्रशासन का साथ दें, ताकि सभी परीक्षार्थी तनावमुक्त वातावरण में अपनी परीक्षा दे सकें। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित मैट्रिक परीक्षा के लिए जिले में कुल 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संभावित भीड़, यातायात दबाव एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 200 गज की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है। इस आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक है। माइक्रोफोन, ध्वनि विस्तारक यंत्र या किसी भी प्रकार के ध्वनि परिवर्धक उपकरणों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। साथ ही कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र के 200 गज के भीतर घातक हथियार, आग्नेयास्त्र, भाला या किसी भी आकार की लाठी लेकर चलने पर प्रतिबंध है। यह निषेधाज्ञा 17 फरवरी की सुबह 6:00 बजे से 25 फरवरी की शाम 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।





