लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन: गायघाट में राजस्व कर्मचारी निलंबित, विभागीय कार्रवाई के आदेश, किसान निबंधन में कोताही पड़ी महंगी: औराई, कटरा व गायघाट के 18 कर्मियों का वेतन बंद
लक्ष्य से पीछे रहे कर्मियों से स्पष्टीकरण, टारगेट प्राप्त न करने वाले कर्मी होंगे निलंबित, औराई, कटरा, गायघाट जाकर डीएम ने फार्मर रजिस्ट्री का किया रिव्यू

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०३ फ़रवरी
मुजफ्फरपुर जिले में शत-प्रतिशत किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी सुनिश्चित कर उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा प्रतिदिन नियमित समीक्षा बैठक, क्षेत्र भ्रमण तथा हलकावार कार्यों की गहन मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। प्रशासनिक सख्ती और सतत निगरानी के क्रम में जिलाधिकारी ने कटरा, औराई एवं गायघाट प्रखंडों का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित की और हलकावार लक्ष्य के विरुद्ध प्राप्त उपलब्धि की कड़ाई से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किसानों का प्रत्येक हलका में कम से कम 50 प्रतिशत तथा ओवरऑल 70 प्रतिशत निबंधन बुधवार की शाम तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही शनिवार की शाम तक 100 प्रतिशत लाभुकों का निबंधन एवं ई-केवाईसी पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही, उदासीनता या लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध निलंबन अथवा नियोजन-मुक्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि 2 फरवरी से 6 फरवरी तक किसानों के निबंधन का महा अभियान पूरे जिले में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान की प्रगति की उच्च स्तर पर सतत समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित कर्मियों को पूरी ईमानदारी, जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करनी होगी। बैठक में जिलाधिकारी ने केवल टास्क ही नहीं दिया, बल्कि स्पष्ट एक्शन प्लान भी प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रत्येक अंचल में टीम गठन, कर्मियों के बीच कार्यों का स्पष्ट आवंटन, पंचायतवार छूटे हुए किसानों की सूची तैयार करने, उन्हें दूरभाष के माध्यम से सूचित करने तथा वसुधा केंद्र अथवा विशेष शिविरों के माध्यम से उनका निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों के अलावा नए लाभुकों तथा जिन किसानों की अब तक जमाबंदी नहीं हुई है, उनका भी नियमानुसार जमाबंदी कर फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने को कहा। विदित हो कि इस महा अभियान में राजस्व कर्मचारी, सर्वे अमीन, विकास मित्र, जीविका कर्मी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित विभिन्न विभागों के कर्मी सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। जिलाधिकारी ने सभी कर्मियों को पूरी तत्परता और दायित्वबोध के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। आंकड़ों की बात करें तो मंगलवार को जिले भर में कुल 10,171 किसानों का निबंधन किया गया। इसके साथ ही अब तक कुल 1,79,003 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जिनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित 1,09,077 किसानों का निबंधन किया गया है। मंगलवार को सर्वाधिक निबंधन बोचहा प्रखंड में 1,642, बरूराज में 1,000 तथा सरैया में 967 किसानों का हुआ। वहीं मुरौल, सकरा और साहेबगंज प्रखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने इन पिछड़ते प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को कैंप कर त्वरित सुधार लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में कैंप करेंगे और पूरी प्लानिंग के साथ कर्मियों के बीच दायित्व का निर्धारण कर निबंधन एवं ई-केवाईसी के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करेंगे। इस कार्य की समीक्षा बुधवार की शाम 5 बजे समाहरणालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। पूर्व दिवस की भांति जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर शाम 5:00 बजे सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों एवं कार्यों के साथ बैठक की तथा मिशन मोड में कार्य करने तथा प्रतिदिन का टारगेट प्राप्त करने का निर्देश दिया। बैठक में खोजे जाने पर मरवन के वरीय पदाधिकारी सह सामान्य शाखा की प्रभारी पदाधिकारी डॉ अर्चना अनुपस्थित पाई गई। फार्मर रजिस्ट्री संबंधी बैठक की गंभीरता तथा अपने दायित्व के प्रति गैर-जवाबदेही को देखते हुए जिलाधिकारी ने उनका आज का वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया। गायघाट अंचल में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के क्रम में गंभीर लापरवाही सामने आई। हल्का मोहम्मदपुर सुर में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 1,572 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,123 मामलों का निष्पादन किया गया, 422 मामलों को अस्वीकृत किया गया। वहीं परिमार्जन प्लस में 566 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 509 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि 57 मामले लंबित पाए गए। इसके अतिरिक्त, फार्मर रजिस्ट्रेशन में संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा मात्र 10 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि गायघाट अंचल कार्यालय द्वारा राजस्व एवं किसान निबंधन कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है। इस गंभीर लापरवाही को कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता एवं उदासीनता मानते हुए जिला पदाधिकारी ने गायघाट अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी श्री प्रभात किरण राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय औराई निर्धारित किया गया है। साथ ही अंचल अधिकारी गायघाट को निर्देश दिया गया है कि आरोप पत्र गठित कर भूमि सुधार उप समाहर्ता पूर्वी मुजफ्फरपुर के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं, ताकि उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जा सके। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के कारण औराई, कटरा एवं गायघाट प्रखंडों के कुल 18 कर्मियों का वेतन बंद करते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। गायघाट प्रखंड में छह कर्मियों—जितेंद्र कुमार मंडल, रोहित कुमार राम, हिमांशु कुमार (राजस्व कर्मचारी), नेहा कुमारी, मो. नईद जमाल एवं विकास कुमार सिंह (सर्वे अमीन)—का वेतन बंद किया गया है। कटरा प्रखंड में भी समीक्षा के दौरान छह कर्मियों—प्रभात कुमार, चंदन कुमार, अविनाश कुमार, राहुल कुमार, नवल कुमार (राजस्व कर्मचारी) तथा पूजा कुमारी (सर्वे अमीन)—के विरुद्ध वेतन बंद एवं स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। वहीं औराई प्रखंड में पंचायतवार समीक्षा के क्रम में करन कुमार, अक्षय कुमार, रवि रंजन कुमार पटेल, शेख अब्दुल्लाह अंसारी, मास्टर राहुल (राजस्व कर्मचारी) तथा जितेंद्र पासवान (सर्वे अमीन) के विरुद्ध भी वेतन बंद करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित से जुड़ा यह अभियान सर्वोच्च प्राथमिकता पर है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और सभी का निबंधन एवं ई-केवाईसी समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण हो।







