महिला शिल्प कला भवन महाविद्यालय के सेवानिवृत शिक्षकों को बीबीए विभाग द्वारा दी गयी भावभीनी विदाई
सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ.मो.रईस तथा डॉ.लक्ष्मी रानी के सम्मान में विदाई सह सम्मान समारोह का किया गया आयोजन

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार
महिला शिल्प कला भवन महाविद्यालय में बीबीए विभाग द्वारा बीबीए विभाग के संस्थापक संरक्षक सह उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.मो.रईस एवं बीबीए विभाग के संस्थापक निदेशक सह समन्वयक एवं मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा सह परीक्षा नियंत्रक डॉ.लक्ष्मी रानी की सेवानिवृति पर सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को उनके समर्पित सेवा-काल के लिए सम्मानित करना था। सेवानिवृत्त शिक्षकों को अंग-वस्त्र, शॉल ओढ़ाकर और बुके, बैग, डायरी और कलम भेंट करके सम्मानित किया। इस अवसर पर बिहार कॉमर्स एसोसिएशन (BCA) के सचिव डॉ.ध्रुव कुमार सिंह नें डॉ.मो.रईस तथा डॉ.लक्ष्मी रानी के योगदान को समाज के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षक ही वह मजबूत नींव हैं, जिस पर आने वाली पीढ़ियां खड़ी होती हैं। डॉ.सिंह नें कहा की शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं और विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का सम्मान करना हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोनों सेवानिवृत्त शिक्षकों को आगे के जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे स्वस्थ रहें, खुश रहें और समाज के लिए प्रेरणा बने रहें। डॉ.सिंह नें कहा की आज हम अपने समर्पित और आदर्श शिक्षक को सम्मानित करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जो 40 वर्षों की उल्लेखनीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनके ज्ञान, सहयोग और दयालुता ने कई भविष्य संवारे हैं। हम इनके जीवन के इस नए अध्याय में खुशियों की कामना करते हैं। डॉ.रईस और डॉ.लक्ष्मी ने अनगिनत विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित किया है. उन्होंने शिक्षा की सबसे कठिन अवधारणाओं को सरल बना दिया और हर चुनौती में हमारा साथ दिया। डॉ.सिंह नें कहा की आप दोनों शिक्षकों की नवोन्मेषी शिक्षण शैली, धैर्य और तब तक समझाने की तत्परता जब तक कि सभी को समझ न आ जाए, हम सबों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा. एक प्रतिभाशाली शिक्षक होने के अलावा, आप दोनों महाविद्यालय के कार्यक्रमों में भी उतनी ही ऊर्जा भर देते थे। महाविद्यालय और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के प्रति आप दोनों का समर्पण केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं था—आप दोनों नें हमें उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने को प्रेरित किया और सफलता का सही अर्थ सिखाया। आपकी विरासत हमारी स्मृतियों और उपलब्धियों में हमेशा बनी रहेगी। हम आपके मार्गदर्शन के लिए आभारी हैं और आशा करते हैं कि आपका सेवानिवृत्ति जीवन स्वास्थ्य, आनंद और विश्राम से भरपूर हो। आपकी सेवाओं के लिए धन्यवाद! आज भारी मन से हम सभी अपने प्रेरणादायी शिक्षक डॉ.रईस और डॉ.लक्ष्मी रानी को विदाई दे रहें है, जो दशकों के अनुकरणीय नेतृत्व के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके दूरदृष्टि ने बीबीए विभाग सहित पुरे महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने टीम के प्रत्येक सदस्य के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया और उनका द्वार हमेशा हमारे लिए खुला रहा। आप दोनों के मार्गदर्शन ने हम सभी को पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से प्रेरित किया है। हम आपके सुखद और रोमांच से भरे सेवानिवृत्ति जीवन की कामना करते हैं. कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र संतोष कुमार नें किया. इस अवसर पर अपनें दोनों प्रिय और आदर्श शिक्षकों को भावभीनी विदाई देनें वालों में विलियम कुजूर, राहुल रंजन, राजेश कुमार, राजन कुमार, श्रेया, ख़ुशी कुमारी, प्रतिक्षा कुमारी, साईमा फातमी, शाहे नूर फातमा, सानिया श्री, सलोनी कुमारी एवं फरहत जहाँ आरजू शामिल थें.












