फार्मर रजिस्ट्री: 12 कर्मियों का वेतन बंद एवं शो काउज, प्रशासन का रुख सख्त, जिलाधिकारी खुद कर रहे हर दिन हर स्तर पर कार्य की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग
2.50 लाख के करीब पहुंचा निबंधन, अंचलवार लोएस्ट परफॉर्मर को मिला टास्क एवं एक्शन प्लान, लापरवाही पर होंगे निलंबित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १२ फ़रवरी
किसानों के निबंधन (फार्मर रजिस्ट्री) कार्य को गति देने तथा उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा जिला स्तर से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक के अधिकारियों और कर्मियों के कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी स्वयं प्रखंडों का दौरा कर समीक्षा बैठक कर रहे हैं और मौके पर ही कार्य की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। फॉर्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान 15 फरवरी तक है। जिलाधिकारी ने गांववार एवं कर्मीवार उपलब्धि की समीक्षा करते हुए न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले 12 कृषि समन्वयक किसान सलाहकार एवं पंचायत सचिव का वेतन बंद करते हुए स्पष्टीकरण किया गया है। चूंकि किसानों के रजिस्ट्रेशन का अब मात्र तीन दिन शेष है अर्थात 15 फरवरी तक विशेष अभियान चलेंगे। अभियान को गति देने तथा अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु जिलाधिकारी सतत एवं प्रभावी रूप से सक्रिय हैं। जिलाधिकारी ने हर कर्मी को अगले तीन दिनों के भीतर 100 का आंकड़ा प्राप्त करने का टास्क दिया है ताकि कोई भी पात्र किसान निबंधन से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य में कोताही एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए कृषि समन्वयक किसान सलाहकार एवं पंचायत सचिव को सक्रिय एवं तत्पर होकर कार्य करने तथा बीडीओ / सीओ को मॉनिटर करने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि एक ही दिन में 6062 किसानों का निबंधन किया गया, जो प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण है। अब तक जिले में कुल 2,43,428 किसानों का निबंधन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 1,32,790 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित हैं। जिलाधिकारी ने निबंधन की गति और तेज करने को कहा ताकि कोई भी पात्र किसान छूट न जाए। जिले के विभिन्न प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति भी समीक्षा में सामने आई। आंकड़ों के अनुसार- पारु प्रखंड में अब तक 23078 किसानों का निबंधन किया गया है। कुढ़नी 23400 किसान पंजीकृत -बरूराज में 22371 किसान पंजीकृत हुए हैं। मीनापुर में 19349 किसान रजिस्ट्री में शामिल किए गए हैं। बोचहा में 18,783 किसानों का निबंधन हुआ है। गायघाट प्रखंड में 18,159 किसान पंजीकृत हैं। सरैया में 16,855 किसानों का निबंधन किया गया है। औराई प्रखंड में 15,818 किसान निबंधित हुए हैं। कांटी में 14,232 किसानों का निबंधन हुआ है। सकरा प्रखंड में अब तक 14013 किसानों का निबंधन पूरा किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रखंडों में अपेक्षाकृत कम प्रगति है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्य को तेज किया जाए। फार्मर रजिस्ट्री में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की प्रतिशतता के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में बंदरा प्रखंड 53 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसके बाद बोचहा प्रखंड 42.02 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। मुरौल प्रखंड में 41.23 प्रतिशत और मीनापुर में 40.01 प्रतिशत किसानों का निबंधन पीएम किसान योजना से जुड़े किसानों के रूप में दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने बंदरा प्रखंड के प्रयास की सराहना करते हुए अन्य प्रखंडों को भी इनसे सीख लेने की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों के साथ-साथ जमाबंदी वाले किसानों का भी अनिवार्य रूप से निबंधन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसानों को जागरूक करने और मौके पर ही निबंधन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निबंधन कार्य पूरा कर किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन की इस सक्रिय पहल से किसानों को आने वाले समय में सीधा और प्रभावी लाभ मिलेगा।





