फाइलेरिया उन्मूलन: 10 फरवरी से मुजफ्फरपुर में 60 लाख लोगों को दवा, स्वस्थ लोगों से भी सेवन की अपील, “घर-घर दवा, जन-जन की भागीदारी: फाइलेरिया के खिलाफ मुजफ्फरपुर में 2409 टीमें मैदान में”
17 दिनों का सर्वजन दवा सेवन अभियान, 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप”, जिला से लेकर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के उन्मुखीकरण हेतु डीएम ने की बैठक तथा मीडिया ब्रीफिंग

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०९ फ़रवरी
मुजफ्फरपुर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान जिले में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक कुल 17 दिनों तक चलाया जाएगा। इस दौरान जिले की लगभग 60 लाख से अधिक लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। अभियान की सफलता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देश एवं मानक के अनुरूप अभियान की सफलता हेतु जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय सभागार की गई तथा मीडिया ब्रीफिंग कर उनका उन्मुखीकरण किया गया। इस अवसर पर उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ.अजय कुमार, एसीएमओ डॉ.ज्ञानेंदु शेखर, डब्ल्यूएचओ की रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ.माधुरी देवराजू, जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा, जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार, डीपीओ आईसीडीएस कंचन कुमारी सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वस्थ व्यक्ति भी फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर सकते हैं, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस तथा जीविका के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ कार्यशाला का आयोजन कर उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों, मानकों, संसाधनों एवं सावधानियों से अवगत कराया गया । सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियान का लाभ शत-प्रतिशत लक्षित आबादी तक पहुंच सके। जिलाधिकारी श्री सेन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में की गई सभी आवश्यक तैयारी से अवगत कराया। जिले में 2409 दवा सेवन टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में 3571 आशा कार्यकर्ता, 1294 आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं। इनके कार्यों की निगरानी के लिए 227 पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है। सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण, दवाएं एवं डोज पोल उपलब्ध करा दिए गए हैं। अभियान के तहत 11 फरवरी 2026 को राज्यव्यापी मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जिले के सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। मेगा कैंप के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने परिवार एवं आसपास के लोगों के साथ बूथ पर पहुंचकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करेंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी। आईसीडीएस, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय एवं तत्पर होकर लोगों को जागरुक एवं प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है। इस रणनीति के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देने तथा आपसी समन्वय से सफल बनाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस को भी सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ तथा जिला परियोजना प्रबंधक जीविका को प्रखंड परियोजना प्रबंधक के साथ बैठक कर जीविका दीदियों को इस अभियान से जोड़ने तथा घर-घर जागरूकता अभियान चलाकर सरकार की इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। प्रत्येक बूथ पर 400 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दवा सेवन की प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण (10 फरवरी से 24 फरवरी) : इस दौरान स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाएंगी। द्वितीय चरण (25 फरवरी से 27 फरवरी) : इस चरण में स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कटरा प्रखंड को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान अवगत कराया गया कि एएनएम, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता एवं आम जनता की भागीदारी से जमीनी स्तर पर इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी कर्मियों के सहयोग से दवा सेवन करने की अपील की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए यह अभियान एक सामूहिक प्रयास है और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम है।





