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प्रमंडलीय आयुक्त का सख्त निर्देश:  किसानों को सही दर एवं सही समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करायें, कालाबाजारी रोकने को विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम और कंट्रोल रूम की स्थापना का निर्देश

उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने हेतु नियमित निगरानी, निरीक्षण एवं नियंत्रण की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १९ फ़रवरी

तिरहुत प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के किसानों को उचित दर पर और सही समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आयुक्त कार्यालय में क्षेत्रीय कृषि निदेशक सहित प्रमंडल के सभी छह जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी के साथ  आयोजित बैठक में दिया। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा या कृत्रिम संकट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि इसके विरुद्ध सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की जाए। जिला कृषि पदाधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर खाद दुकानों का औचक निरीक्षण करने, स्टॉक रजिस्टर की जांच करने तथा किसानों से सीधे फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में आयुक्त ने कहा कि मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है, ताकि वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। उन्होंने प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष  स्थापित करने तथा  इसकी मॉनिटरिंग जिला कृषि पदाधिकारी को करने  को कहा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वहां उर्वरक से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। किसी भी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आयुक्त ने कहा कि किसानों को नैनो यूरिया अथवा अन्य वैकल्पिक उत्पादों को लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान अपनी जरूरत और खेती की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का चयन करने एवं क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी प्रकार का दबाव या अनुचित प्रलोभन स्वीकार्य नहीं होगा। सीमावर्ती जिलों—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण एवं सीतामढ़ी—में यूरिया की संभावित कालाबाजारी को लेकर भी आयुक्त ने गंभीरता व्यक्त की। उन्होंने इन जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने, मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा उर्वरक के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी, निरीक्षण एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी से अवैध भंडारण और  अवैध आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। बैठक में आयुक्त ने मनचाहा रेट वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उर्वरक विक्रेता सरकारी दिशा-निर्देश एवं मानक के अनुसार ही खाद की बिक्री सुनिश्चित करेंगे। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी दुकानों पर उर्वरकों की दर सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो और स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक की जाए। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की जरूरतों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक जरूरतमंद किसान को पर्याप्त मात्रा में, सही दर पर और समय पर खाद उपलब्ध हो, ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो। आयुक्त ने सभी जिला कृषि पदाधिकारी को किसानों के हित में निबंधन की गति को तेज करने तथा अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित करने को कहा ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाया जा सके। इसके लिए सभी जिला कृषि पदाधिकारी को अपने अधीनस्थ प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार को सक्रिय एवं तत्पर कर कार्य में तेजी लाने तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया।

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