निबंधन कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए – गिरिवर दयाल सिंह, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल
प्रमंडलीय आयुक्त ने निबंधन कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के सब-रजिस्ट्रार के साथ की समीक्षा बैठक

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २० फ़रवरी
निबंधन कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से तिरहुत प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के सब-रजिस्ट्रार के साथ आयुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुक्त ने निबंधन कार्यों की प्रगति, राजस्व संग्रह, लंबित मामलों के निष्पादन एवं जनसुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई तथा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि जिला निबंधन कार्यालय सरकार की राजस्व प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत है तथा आम नागरिकों से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। अतः इसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए सभी प्रकार के दस्तावेजों का पंजीकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से करने तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। आयुक्त ने राजस्व संग्रह में तेजी लाने का निर्देश दिये। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार-नियंत्रण के संबंध में आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाओं को अधिकतम रूप से ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाए। निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा कार्यालय परिसर में अनावश्यक हस्तक्षेप पर नियंत्रण रखने को कहा गया। अभिलेख संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर विशेष बल देते हुए आयुक्त ने पुराने दस्तावेजों का शीघ्र डिजिटलीकरण कराने, सभी अभिलेखों की स्कैनिंग कर सुरक्षित डिजिटल बैकअप रखने तथा रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों की सुरक्षा एवं उपलब्धता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। जनसुविधाओं में सुधार के लिए आयुक्त ने कार्यालय परिसर में हेल्प डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय एवं स्पष्ट सूचना पट्ट की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में नियमित निरीक्षण एवं समीक्षा पर भी बल दिया गया। आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिला पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करें तथा मासिक समीक्षा कर सुधार एवं प्रगति लाई जाए। शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करते हुए शिकायत रजिस्टर का नियमित संधारण तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। आयुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी, राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी, नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ होगा तथा अनियमितताओं उल्लेखनीय कमी आएगी।






