जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आहूत राजस्व कार्यों की समीक्षात्मक बैठक में किसान रजिस्ट्री में तेजी, अतिक्रमण हटाओ अभियान एवं अवैध जमाबंदी निरस्तीकरण पर सख्त निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १८ फ़रवरी
जिलाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में राजस्व संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), संजीव कुमार, सभी डीसीएलआर, अंचल अधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व संबंधी कार्यों का निष्पादन पूर्ण प्रतिबद्धता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन प्लस, भूमि अभिलेख संधारण, अपील वादों का निस्तारण, जमाबंदी सुधार, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा–2, लंबित वादों की सुनवाई तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने किसान रजिस्ट्री कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने से सीधे जुड़ा है, अतः इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अंचल अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रगति प्रतिवेदन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि होली पर्व के बाद जिले में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से लखनदेई नदी के किनारे अवैध अतिक्रमण तथा रिंग बांध से संबंधित अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी, बाढ़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। बैठक में सरकारी जमीन पर अवैध बंदोबस्ती अथवा जमाबंदी के मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की विधिसम्मत जांच कर अवैध जमाबंदी को रद्द करने की दिशा में अग्रेतर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित डाटा एंट्री ऑपरेटरों को अविलंब स्थानांतरित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि कार्य प्रणाली में पारदर्शिता एवं दक्षता बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व प्रशासन आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ है, अतः सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, अभिलेखों के अद्यतनकरण तथा जन शिकायतों के शीघ्र समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।





