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जिलाधिकारी का मेगा निरीक्षण: शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस: सरफुद्दीनपुर पंचायत में प्रशासन की सक्रिय पहल

सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र के लोगों विशेषकर युवतियों के लिए उनके प्रखंडों में ही डिग्री कॉलेज की सुविधा हेतु जिलाधिकारी की कार्रवाई तेज

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ११ फ़रवरी

मुजफ्फरपुर जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य की गुणवत्ता में सुधार लाने, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को गति देने तथा आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बोचहा प्रखंड अंतर्गत सरफुद्दीनपुर पंचायत का व्यापक भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस अवसर पर उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी बोचहा प्रिया, अंचलाधिकारी बोचहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री सेन ने मध्य विद्यालय, पोखर, गुदरी हाट, सरफुद्दीनपुर-केवटसा पथ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोचहा तथा गरहा में प्रस्तावित नये थाना भवन निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों विशेषकर युवतियों के लिए हायर एजुकेशन की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उनके प्रखंडों में ही सुनिश्चित करने का कार्य जिलाधिकारी द्वारा तेज कर दी गई है। इसके तहत जिलाधिकारी द्वारा खुद प्रखंडों का भ्रमण कर डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए स्थल चिह्नित करने तथा अंतरिम व्यवस्था के तहत खाली पड़े भवनों में महाविद्यालय संचालन की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने मध्य विद्यालय सरफुद्दीनपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय परिसर में पर्याप्त भूमि एवं अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, जहां तत्काल डिग्री कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उपलब्ध कमरों एवं परिसर की आवश्यक मरम्मती, रंग-रोगन एवं आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार डिग्री कॉलेज का संचालन शीघ्र प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की सुविधा प्रखंड स्तर पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इससे विशेषकर ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष फायदा होगा। जिलाधिकारी ने डिग्री कॉलेज के लिए स्थायी भवन के निर्माण की कार्रवाई भी तेज कर दी है। इस क्रम में बोचहा के भुताने पंचायत एवं सलहा में भूमि चिन्हित की गई है। जिलाधिकारी ने उपयुक्त भूमि के चयन हेतु सभी संबंधित  कागजातों की जांच करने का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को संयुक्त रूप से स्थल का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्रस्ताव विभाग को भेजा जा सके। विदित हो कि जिले के चार प्रखंड—बोचहा, औराई, गायघाट एवं मुरौल—में अब तक डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है। इन प्रखंडों में उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना की दिशा में जिलाधिकारी ने पहल तेज कर दी है, ताकि स्थानीय युवाओं, विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही हायर एजुकेशन की सुविधा उपलब्ध हो । जिले के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना से उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और जिले का शैक्षणिक विकास सुदृढ़ होगा। विदित हो कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3: उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ के अंतर्गत डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में महाविद्यालय की स्थापना हेतु भूमि एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक ऐसे प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जहां अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने  इस दिशा में कार्रवाई तेज करते हुए अधिकारियों को तत्काल डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू करने तथा स्थायी भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव विभाग को शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी को विद्यालय के समीप स्थित पोखर की भूमि पर स्थानीय लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अंचलाधिकारी को लोकभूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दो दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाकर सीमांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सरफुद्दीनपुर के वार्ड संख्या तीन स्थित गुदरी पोखर एवं हाट का भी निरीक्षण किया गया। अंचलाधिकारी ने अवगत कराया कि गुदरी पोखर की अधिकांश भूमि पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दो दिनों के भीतर अतिक्रमण मुक्त कराने, पुनः सीमांकन कराने तथा भविष्य में अतिक्रमण न हो इसकी पुख्ता व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुदरी हाट के रूप में दर्ज भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए। वहां किसी भी प्रकार के पक्के दुकान या आवासीय भवन का निर्माण नहीं होने दिया जाए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी को नियमित रूप से इस कार्रवाई की निगरानी करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सरफुद्दीनपुर-केवटसा पथ का निरीक्षण करते हुए पाया कि यह मार्ग आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी वर्तमान चौड़ाई अपेक्षाकृत कम है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सड़क के चौड़ीकरण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल-वन को निर्देश दिया कि पथ के चौड़ीकरण हेतु नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र स्वीकृति के लिए विभाग को भेजा जाए, ताकि क्षेत्र में यातायात सुविधा बेहतर हो सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोचहा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डॉक्टरों की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, मरीजों के निबंधन, दवा की उपलब्धता एवं वितरण, पैथोलॉजी, एक्स-रे, एनसीडी क्लीनिक आदि सेवाओं की विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में आए मरीजों से भी बातचीत कर सेवाओं की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में 251 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उपलब्ध दवाओं का समुचित उपयोग मरीजों के उपचार में सुनिश्चित किया जाए और दवा वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान  ओपीडी में 70 मरीजों का निबंधन दर्ज पाया गया। जिलाधिकारी ने निबंधन प्रक्रिया को सुगम एवं पारदर्शी बनाते हुए ओपीडी में इलाज की सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल में रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों एवं नर्सों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण इलाज, साफ-सफाई एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पताल परिसर में अनुपयोगी भवन को हटाकर नए भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव विभाग को भेजने तथा सुरक्षा के लिए चहारदीवारी निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश  दिया। बोचहा प्रखंड के गरहा में नए थाना भवन निर्माण हेतु चिन्हित भूमि का भी जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अभियंता को उन्होंने तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शहरी-2, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को आपसी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य की सतत निगरानी करने को कहा साथ ही पुराने थाना भवन की भूमि के अभिलेखों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया गया। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंड कार्यालय में प्रखंड एवं अंचल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने म्यूटेशन, परिमार्जन, भूमि माफी अभियान, बसेरा योजना सहित अन्य विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की जिलाधिकारी का यह निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को दर्शाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, अतिक्रमण मुक्ति एवं सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए गए इन कदमों से जिला में समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

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