कदाचारमुक्त इंटर परीक्षा के संचालन को लेकर प्रशासन मुस्तैद, प्रथम दिन ही कई केंद्रों पर शीर्ष अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण
सघन फ्रिस्किंग से लेकर सीसीटीवी निगरानी तक, आयुक्त तथा डीएम- एसएसपी ने केंद्रों का भ्रमण कर लिया जायजा

सघन फ्रिस्किंग से लेकर सीसीटीवी निगरानी तक, आयुक्त तथा डीएम- एसएसपी ने केंद्रों का भ्रमण कर लिया जायजा
ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०२ फ़रवरी
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के प्रथम दिन की प्रथम पाली से ही प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रथम दिन की प्रथम पाली में ही कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। दूसरी ओर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश मिश्रा भी पूरी तत्परता के साथ परीक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी एवं प्रभावी निरीक्षण में जुटे रहे। प्रमंडलीय आयुक्त श्री सिंह ने प्रभात तारा विद्यालय, सर सैयद अली गर्ल्स हाई स्कूल, आरबीबीएम कॉलेज सहित कई अन्य परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को गंभीरता से परखा और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, जिलाधिकारी श्री सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मिश्र ने भी संयुक्त रूप से बी.बी कालेजियट स्कूल, मुखर्जी सेमिनरी हाई स्कूल सहित कई अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा संचालन के मानकों के अनुपालन की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले केंद्रों पर की जा रही फ्रिस्किंग व्यवस्था की बारीकी से जांच की। परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश से पूर्व सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा था, जिससे किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री के प्रवेश की संभावना समाप्त हो सके। महिला परीक्षार्थियों के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक केंद्र एवं उसके मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हों तथा उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जा रही हो। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए गए। परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए तथा निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रमंडलीय आयुक्त ने केंद्राधीक्षकों एवं तैनात दंडाधिकारियों से संवाद कर परीक्षा नियमावली के अक्षरशः अनुपालन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के कदाचार पाये जाने पर त्वरित रूप से विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। उल्लेखनीय है कि 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चलने वाली इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए जिले में कुल 81 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। इन सभी केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही सभी केंद्रों पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं केंद्राधीक्षकों की समुचित ब्रीफिंग कर उन्हें परीक्षा संचालन से संबंधित सभी दिशा-निर्देश, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तथा प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई है। जिलाधिकारी श्री सेन ने स्पष्ट किया कि पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पायै जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।





