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अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ नें की चरणबद्ध आन्दोलन की घोषणा

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०३ फ़रवरी

बाबा साहेब भीमराव अम्बेकर बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ नें अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आन्दोलन की घोषणा की है. बिहार राज्य बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों नें प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया की अपनी मांगों को लेकर बार-बार कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित मांग-पत्र और ज्ञापनों के द्वारा मांग की गयी थी कीसमस्त प्रशाखाओं एवं विश्वविद्यालय विभागों में अविलम्ब उपस्थिति पंजी उपलब्ध करायी जाए, चूकि बहुत सारे विभागों में उपस्थिति पंजी के अभाव में कर्मचारीगण अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। राज्यपाल के द्वारा अनुमोदित तथा लोक भवन, पटना के द्वारा ज्ञापांक बीएसयू-41 / 2013 -429 / रा.स. (1) दिनांक 04.03.2014 के माध्यम से शिक्षकेत्तर कर्मचारियों हेतु अधिसूचित परिनियम के परिशिष्ट-1 के अनुच्छेद-1 के आलोक में शिक्षकेत्तर पदाधिकारियों यथा उप-कुलसचिव, विकास पदाधिकारी, योजना पदाधिकारी, सहायक परीक्षा नियंत्रक, सहायक वित्त पदाधिकारी इत्यादि के पद पर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों (वरीय सहायक कुलसचिवों) को पदासीन किया जाए। वर्षों से लंबित मृत कर्मचारियों के आश्रितों की नियुक्ति अनुकम्पा के आधार पर अविलम्ब की जाए।
उच्च न्यायालय के द्वारा पारित न्यायादेशों के आलोक में विश्वविद्यालय में कार्यरत न्यूनतम वेतन भोगी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का सेवा नियमितिकरण अविलम्ब किया जाए। वैसे मृत कर्मचारी जो वर्ष 2005 के बाद नियुक्त हैं एवं एनपीएस / यूपीएस के अन्तर्गत आते हैं उनके पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। विश्वविद्यालय में 1982 से कार्यरत कर्मियों एवं 2004 के बाद नियमित कर्मियों को उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में स्व. मो. अंगेज के सदृश्य पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान किया जाए। राज्यपाल सचिवालय, बिहार के पत्रांक बीकेएसयू-10/2015-95 / रा.स. (1) दिनांक 15.01.2016 के द्वारा राज्यपाल द्वारा पारित आदेश का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। रॉबिनजी क्लेमेंट एवं अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन एवं सेवानिवृत्त लाभ का भुगतान अविलम्ब सुनिश्चित किया जाए। विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को लंबित पदोन्नति का लाभ अविलम्ब दिया जाए। आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में शिक्षा विभाग, बिहार के पत्रांक 15/ डी 1-01/2020-1265 दिनांक 19.04.2023 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित की जाए। पत्रकार वार्ता में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामकुमार और सचिव गौरव नें बताया की उपरोक्त लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आन्दोलन करनें को बाध्य होना पड़ा और इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेवार है. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ ने 16 फरवरी से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और आंदोलन की घोषणा करते हुए विश्विद्यालय में तालाबंदी कर चाभी कुलपति को सौंपने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी की एक आपात बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान कर्मचारियों से जुड़ी गंभीर समस्याओं एवं मांगों पर पूर्व में किए गए अनुरोध के बावजूद कुलपति द्वारा निदान नहीं किए जाने से नाराज बिहार विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को समन्वय सह संघर्ष समिति एवं बीआरए बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों द्वारा हाल के दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुए पत्राचार एवं वार्तालाप की जानकारी सभी कर्मचारियों को दी गई। आम सभा में विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने तथा कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया गया। इसके मद्देनजर उपस्थित कर्मचारियों ने ध्वनिमत से आंदोलन का निर्णय लिया और चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई। कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों से संबंधित सभी समस्याओं एवं पूर्व में सौंपे गए मांग पत्र पर अविलंब कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा और फिर विश्विद्यालय में तालाबंदी कर कुलपति को चाभी सौंप कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।पत्रकार वार्ता में विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के संजीव कुमार सिंह, विकास मिश्रा, इन्द्रसेन कुमार, सुरेश राय, राजन कुमार सिंह, प्रभात कुमार, अजय कुमार, मुकेश कुमार शामिल थें.

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