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मुजफ्फरपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित, किफायती आवास की नई मिसाल: हरिसभा चौक स्थित वैदेही कंपलेक्स में खुला सर्वसुविधा संपन्न हॉस्टल

आवासित महिलाएं 5 वर्ष तक के बच्चों को रख सकते हैं अपने साथ, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम: मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत शुरू हुआ “आकांक्षा छात्रावास”

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १० जनवरी

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मुजफ्फरपुर जिले ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की पहल और सतत प्रयासों से मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत जिला मुख्यालय स्थित कल्याणी चौक–हरिसभा चौक रोड पर वैदेही कॉम्प्लेक्स में “आकांक्षा छात्रावास” का संचालन प्रारंभ किया गया है। यह छात्रावास कामकाजी महिलाओं के लिए न केवल एक आवासीय सुविधा है, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी है। वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग, आईटी, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र तक महिलाओं की उपस्थिति निरंतर बढ़ रही है साथ ही बेला औद्योगिक क्षेत्र में भी काफी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं जिन्हें किफायती दर पर सुरक्षित आवासन की सुविधा की जरूरत है। इसके साथ ही  महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती एवं पारिवारिक माहौल के आवास की  सुविधा  की जरूरत होती है, जिसके लिए सभी प्रकार की सुविधा इस हॉस्टल में उपलब्ध है। यहां तक की महिलाएं अपने 5 वर्ष तक के बच्चे को भी साथ रख सकती हैं। अक्सर देखा जाता है कि कामकाजी महिलाओं को किराए के मकानों में असुरक्षा, अधिक खर्च, सामाजिक दबाव और असुविधाजनक माहौल का सामना करना पड़ता है। कई बार कार्यस्थल से दूर आवास होने के कारण समय और ऊर्जा की भी क्षति होती है। ऐसे में “आकांक्षा छात्रावास” जैसी पहल वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक और समयानुकूल है। “आकांक्षा” छात्रावास का मूल उद्देश्य महिलाओं को केवल रहने की जगह उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण देना है जहाँ वे बिना किसी भय और चिंता के अपने करियर और जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। यह छात्रावास महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सुविधा को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। जिलाधिकारी श्री सेन ने स्पष्ट किया है कि आज की कामकाजी महिला को सुरक्षित आवास के साथ-साथ सम्मानजनक माहौल की आवश्यकता है। यदि महिलाएं मानसिक रूप से सुरक्षित और निश्चिंत होंगी, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकेंगी। “आकांक्षा छात्रावास” इसी सोच का परिणाम है। छात्रावास में महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। स्वच्छ शौचालय, स्नानागार, कॉमन हॉल, मनोरंजन कक्ष, अतिथि कक्ष, निर्बाध बिजली एवं पानी की सुविधा, साफ-सफाई, पार्किंग और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था इसे एक आदर्श आवासीय परिसर बनाती है। यहाँ का वातावरण पारिवारिक और सहयोगात्मक है, जिससे महिलाएं एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बनाकर रह सकें। सुरक्षा की दृष्टि से यह छात्रावास विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी कई महिलाएं अकेले शहर में रहने को लेकर असुरक्षित महसूस करती हैं। “आकांक्षा छात्रावास” में प्रवेश के लिए पात्रता मानकों को इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि वास्तविक जरूरतमंद महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। सरकारी या गैर-सरकारी संस्थानों में कार्यरत वे महिलाएं जिनकी मासिक आय 75,000 रुपये से कम है, इस सुविधा के लिए पात्र हैं साथ ही सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता दी गई है। विधवा, परित्यक्ता एवं शारीरिक रूप से दिव्यांग कामकाजी महिलाओं को प्रवेश में वरीयता देना सरकार और प्रशासन की समावेशी सोच को दर्शाता है। यह पहल बताती है कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के साथ होना चाहिए। छात्रावास में नामांकन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा गया है। इच्छुक महिलाएं जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, मुजफ्फरपुर से संपर्क कर या सीधे वैदेही कॉम्प्लेक्स जाकर पंजीकरण करा सकती हैं। किफायती शुल्क व्यवस्था इस छात्रावास की एक और विशेषता है। प्रवेश के समय एक माह का शुल्क और ₹3000 का अग्रिम भोजन शुल्क निर्धारित किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग की कामकाजी महिलाएं भी आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकें। “आकांक्षा छात्रावास” मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का प्रभावी और व्यावहारिक उदाहरण है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना है। जब महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, तो वे शिक्षा और रोजगार में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी। मुजफ्फरपुर में इस छात्रावास की शुरुआत यह साबित करती है कि सरकारी योजनाएं यदि सही दिशा और प्रतिबद्धता के साथ लागू की जाएं, तो वे समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं। इस पहल से स्थानीय महिलाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से सुरक्षित और किफायती आवास की तलाश कर रहीं कामकाजी महिलाओं के लिए यह छात्रावास किसी राहत से कम नहीं है। इससे न केवल उनकी आर्थिक बचत होगी, बल्कि मानसिक शांति भी मिलेगी। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी, उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा और वे अपने करियर पर बेहतर ध्यान दे सकेंगी। इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, कार्यस्थल और समाज तीनों स्तरों पर दिखाई देगा। शुरुआत में छात्रावास में अधिकतम 50 महिलाओं के रहने की व्यवस्था की गई है, लेकिन भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाने और अधिक आधुनिक सुविधाएं जोड़ने की योजना है। यह संकेत देता है कि प्रशासन महिलाओं की जरूरतों को लेकर दीर्घकालिक दृष्टि रखता है। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की  “आकांक्षा छात्रावास” मुजफ्फरपुर जिले के लिए एक मील का पत्थर है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है। वर्तमान समय में, जब महिलाएं समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं, तब ऐसी पहल उनकी आकांक्षाओं को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह छात्रावास प्रशासन की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है, जो आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

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