जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित, विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की विस्तार से की गई समीक्षा

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०५ जनवरी
जिले में सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभाकक्ष में जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता संजीव कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) राहुल कुमार, वरीय उप-समाहर्ता ऋषभ, एसडीसी मो.इस्लाम, डीपीआरओ कमल सिंह सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि बीते अवधि में विभागीय स्तर पर बेहतर कार्य निष्पादन के कारण सीतामढ़ी जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जिले ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान, राजस्व कार्यों में चौथा स्थान, आवास योजनाओं में तीसरा स्थान तथा आरटीपीएस सेवाओं में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि विभिन्न विभागों की रैंकिंग में हुआ सुधार यह दर्शाता है कि टीमवर्क और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने से सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराना है। सभी पदाधिकारी इसी भावना के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करते हुए जन समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड स्तरीय विकास एवं समन्वय समिति तथा विधि-व्यवस्था से संबंधित बैठकों का नियमित आयोजन कर उसकी कार्यवाही (प्रोसिडिंग) जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाए। आरटीपीएस सेवाओं की दैनिक मॉनिटरिंग तथा किसानों के निबंधन हेतु नियमित शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय टीम द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा एवं निरीक्षण किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी अथवा कर्मी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में स्वीकृत 680 हेल्थ सब सेंटरों में से 410 को कार्यशील कर दिया गया है। शेष हेल्थ सब सेंटरों को शीघ्र फंक्शनल करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागीय योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सभी अंचल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।




