बीआरएबीयू के 74वें स्थापना दिवस समारोह में कुलपति ने प्लेटिनम जयंती (75वें वर्ष) तक विश्वविद्यालय को एक प्रमुख वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने के विजन के साथ एक वर्ष लंबे शैक्षणिक उत्सव (एकेडमिक सिलेबरेशन) की घोषणा की

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०२ जनवरी
बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू), मुजफ्फरपुर के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने विश्वविद्यालय के 74वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने 2027 में आने वाली प्लेटिनम जयंती (75वें वर्ष) तक विश्वविद्यालय को एक प्रमुख वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने के विजन के साथ एक वर्ष लंबे शैक्षणिक उत्सव (एकेडमिक सिलेबरेशन) की घोषणा की। यह पहल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बीआरएबीयू के सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कुलपति डॉ.राय ने संकल्प दोहराया कि 2027 में प्लैटिनम जुबली मनाते समय बीआरएबीयू देश के अग्रणी ज्ञान केंद्रों की सूची में शुमार होगा। स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.राय ने कहा की यह हमारे लिए गौरव का क्षण है कि हम इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय के 75वें वर्ष के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी वर्ष केवल समारोहों का नहीं, बल्कि उच्च प्रभाव वाले शोध और संस्थागत उत्कृष्टता का होगा। पीएचडी की गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शोध मानकों की कड़ी जांच की जाएगी। विश्वविद्यालय अब नेट और जेआरएफ उत्तीर्ण छात्रों को शोध में प्राथमिकता देगा ताकि उत्कृष्ट विद्वानों की नई पीढ़ी तैयार की जा सके। प्रो.राय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का पूरा ध्यान अब नैक ग्रेडिंग और एनआईआरएफ रैंकिंग पर है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यक्षमता की सराहना करते हुए पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT 2023 और 2024) के सफल आयोजन और परिणाम घोषित किए जाने




को एक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने सहयोगात्मक विकास के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन साझेदारियों का छात्रों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इस बारे में विस्तृत कार्ययोजना बनाकर नए वर्ष में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से नए वर्ष में विश्वविद्यालय शैक्षणिक और रिसर्च के क्षेत्र में अपने उच्च लक्ष्यों को निश्चित प्राप्त करेगा। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो.बी.एस.राय नें कहा की बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, जिसे लोकप्रिय रूप से बी. आर. अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के नाम से भी जाना जाता है, भारत के बिहार राज्य के उत्तरी भाग में स्थित मुजफ्फरपुर शहर में एक राज्य विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 1952 में हुई थी, जिसका मुख्यालय पहले पटना में था, जिसे बाद में 1960 में मुजफ्फरपुर स्थानांतरित कर दिया गया। विश्वविद्यालय संगोष्ठियों, सेमिनारों और कार्यशालाओं का आयोजन करता है। यह शहर में शिक्षण और अध्ययन का एक प्रमुख संस्थान है और स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर और अनुसंधान स्तर तक पूर्णकालिक और अंशकालिक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। स्थापना दिवस पर अपनें सम्बोधन में संकायाध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो.आलोक प्रताप नें कहा की विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अनुमोदित हैं। यह विश्वविद्यालय शहर का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है और स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर और अनुसंधान स्तर तक के विभिन्न पूर्णकालिक और अंशकालिक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह विश्वविद्यालय राज्य भर में स्थित कई कॉलेजों और संस्थानों के बीच उच्च शिक्षा प्रदान करने में एक संबद्ध कड़ी के रूप में भी कार्य करता है। विश्वविद्यालय भारतीय विश्वविद्यालयों के संघ (एआईयू) का सदस्य है। समारोह में परीक्षा नियंत्रक प्रो.राम कुमार, उप-कुलसचिव डॉ.बिनोद बैठा, आईक्यूएसी प्रमुख प्रो.नवेदुल हक, प्रो.प्रमोद कुमार, प्रो.ललन झा, प्रो.मनोज कुमार, प्रो. बिपिन कुमार राय, डॉ.ऋतू कुमारी, डॉ.सतीश कुमार, डॉ.अनुराधा पाठक, डॉ.अमर शुक्ला, डॉ. नवीन कुमार, राघवेन्द्र कुमार सिंह, रामकुमार, कुंदन कुमार, दीपेन्द्र भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।




