जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में निवेशकों एवं स्थानीय उद्यमियों के साथ उद्यमी संवाद कार्यक्रम आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १५ जनवरी
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभाकक्ष में निवेशकों एवं स्थानीय उद्यमियों के साथ उद्यमी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में उद्योग-व्यवसाय के अनुकूल वातावरण का सृजन, निवेश को प्रोत्साहन देना तथा उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रिया भारती, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, सीतामढ़ी ने उपस्थित पदाधिकारियों एवं उद्यमियों का स्वागत किया। उन्होंने उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), बिहार स्टार्ट-अप नीति, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, सूक्ष्म-लघु उद्योग एवं नए निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न उद्योगपतियों एवं उद्यमियों द्वारा विद्युत आपूर्ति, जल निकासी, सड़क संपर्क, औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, नगर निकाय क्षेत्रों में पार्किंग सुविधा सहित अन्य बुनियादी एवं व्यावहारिक समस्याओं तथा सुझावों को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा गया। उद्यमियों ने औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की। जिला पदाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित सभी उद्यमियों का स्वागत करते हुए उनके द्वारा रखी गई समस्याओं एवं सुझावों की सराहना की गई। उन्होंने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओं का समन्वय के साथ समयबद्ध एवं व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सके। जिला पदाधिकारी श्री पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन उद्यमियों एवं निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी जिले में लघु उद्योग एवं निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, ताकि रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले और जिले की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का उद्देश्य एक ऐसा औद्योगिक वातावरण विकसित करना है, जिसमें उद्यमी बिना किसी बाधा के अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के उद्यमी संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्यमियों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित हो सके।





