जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर के औद्योगिक क्षेत्र, बेला स्थित आरटीडी कॉम्प्लेक्स के कॉन्फ्रेंस हॉल में उद्यमी वार्त्ता आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ जनवरी
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर के औद्योगिक क्षेत्र, बेला स्थित आरटीडी कॉम्प्लेक्स के कॉन्फ्रेंस हॉल में उद्यमी वार्त्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्र, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी अंचल, जिला बन्दोबस्त पदाधिकारी, राज्य कर उपायुक्त, मुजफ्फरपुर, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित हुए। उक्त बैठक में मुजफ्फरपुर जिला के विभिन्न इकाईयों के स्वत्वाधिकारी/प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बैठक में उपस्थित स्वत्वाधिकारी/प्रतिनिधि द्वारा मुख्य रूप से फैसेलिटीज चार्ज का प्रति वर्ष निर्धारण पर पुनर्विचार करने एवं औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया। उक्त समस्या के निस्तारण हेतु संबंधित पदाधिकारी को निदेश दिया गया तथा कृत्य कार्रवाई से संबंधित उद्यमी को अवगत कराने का निदेश दिया गया। बैठक में उपस्थित वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्र द्वारा थानाध्यक्ष, बेला को निदेश दिया गया कि औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा को चाक-चौबन्द करने हेतु पुलिस गश्ती को बढ़ाया जाय। इसके साथ ही कड़ी एवं सतत निगरानी हेतु मोबाईल/बाईक पेट्रोलिंग कराने का निदेश दिया गया। उद्यमी वार्त्ता में जिला पदाधिकारी श्री सेन द्वारा “जिला व्यवसाय सुधार कार्य योजना” अंतर्गत Ease of Doing Business में किए गए कार्यों यथा सिंगल विंडों क्लियरेंस, बिहार राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016, बिहार राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज 2025 की जानकारी निवेशकों/उद्योगपतियों/व्यावसायकों को दी गई साथ ही राज्य कर उपायुक्त, पूर्वी अंचल नें सितम्बर 2025 से लागू GST सुधारों से संबंधित जानकारी देते हर कहा की दैनिक उपभोग की वस्तुएँ:- जैसे साबुन, टुथपेस्ट, हेयर आयल आदि वस्तुएँ 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तथा डेयरी प्रोडक्ट्स – घी, बटर, तेल, पैक्ट किये गये खाद्य पदार्थ 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के GST स्लैब में आ गया है। स्वास्थ सेवा पे राहत:- कई जीवन रक्षक दवाईयॉ, स्वास्थ्य बीमा व कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होनेवाले दवाई 12 प्रतिशत से शून्य GST स्लैब में आ गया है तथा सामान्य दवाओं 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया गया है साथ ही डायग्नोस्टिक कीट्स व सर्जिकल उपकरणों पर GST 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है । सस्ते हुए वाहन व इलेक्ट्रॉनिक्स:- Air Conditioners, Refrigerator, Television और छोटी कारें, 350 सी0सी0 तक की मोटर साईकिल पर GST 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है। शिक्षा व जीवन बीमा :- शिक्षा से संबंधित वस्तुएँ जैसे पेन्सिल, सार्पनर, इरेजर, नोट बुक्स इत्यादि पूर्ण रूप से कर मुक्त कर दिया गया है तथा जीवन बीमा पॉलिसीयों पर GST 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है| कृषि से संबंधित वस्तुएँ :- कृषि से संबंधित वस्तुएँ जैसे ट्रैक्टर वाहन, Agricultural Machines (हल, थ्रेसर) पर 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तथा ट्रैक्टर टायर व पार्ट्स पर 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सेवा क्षेत्र:- सैलून, जिम, योग केन्द्र और 7500.00 रूपये प्रतिदिन तक होटल आवास पर GST दर 18 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत किया गया है। निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले सिमेन्ट :- निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले सिमेन्ट पर GST दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उद्यमी को लाभ (Benefits for Industry/Industrialist) अनुपालन में आसानी (Ease of Compliance) :- पूर्व के कर संरचनाओं को दो स्लैब 5 प्रतिशत व 18 प्रतिशत किया गया है, जिससे व्यवसायिओं को रिटर्न फाईल करने में आसानी हुई है। साथ ही साथ व्यवसायी के लिए कर का अनुपालन करना आसान हो गया है। दो कर स्लैब होने के कारण व्यवसायी को व्यवसाय से संबंधित Legal expenses में कॉफी कमी आ सकता है। विनिर्माण लागत में कमी :- सिमेन्ट पर 28 प्रतिशत 18 प्रतिशत कृषि मशीनरी और उर्वरकों पर GST दर 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत को घटाकर 5 प्रतिशत हो गया है। जिससे विनिर्माण व इनपुट लागत में कमी आई है। पूर्व में अधिक कर दर (28 प्रतिशत) होने के कारण व्यवसायी का ITC के रूप में ज्यादा पूँजी ब्लॉक हो जाता था, जिससे कार्यशील पूँजी (Working Capital) कम हो जाता था। कर दर से सुधार के पश्चात कार्यशील पूँजी (Working Capital) में वृद्वि हुआ है। मांग में वृद्विः– कम कीमत हो जाने के कारण Consumer Durability वस्तुएँ और ऑटोमोबाईल क्षेत्रों में मांग बढ़ रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिल रहा है। प्रतिस्पर्धात्मकताः- सरल कर प्रणाली एवं घटी हुई लागत से भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल रही है। MSME को समर्थन :- छोटे एवं बड़े उद्यमों (MSME) को आसान अनुपालन और कम दरों से विशेष रूप से लाभ हुआ है। GSTIN Registration Approval की समय सीमा सात कार्यदिवस से तीन कार्यदिवस कर दिया गया है। निर्यातक व्यवसायियों के अग्रिम प्रावधान आधार पर 90 प्रतिशत रिफन्ड किया जा रहा है। कुल मिलाकर इन सुधारों का उद्देश्य Ease of Business बढ़ावा देना और आम जनता आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।





