विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सीतामढ़ी जिले के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०७ अक्टूबर
विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी रिची पांडेय ने सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिले के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने चुनाव की तारीख और शेड़्यूल से अवगत कराया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने पार्टी के पोस्टर बैनर को स्वयं हटवा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय बीत जाने पर यदि प्रशासन के द्वारा पोस्टर बैनर हटाई जाएगी तो आदर्श आचार संहिता के प्रावधान के अंतर्गत संबंधित के विरुद्ध कारवाई की जाएगी साथ ही कहा कि यदि किन्हीं संभावित प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में छूट गया हो तो नाम निर्देशन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि के 10 दिन पहले तक यानी 10 अक्टूबर तक अपना नाम जुड़वाने के लिए अपना आवेदन प्रपत्र 06 में जरूर कर देंगे। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराते हुए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्देशानुसार रैली निकालने, लाउडस्पीकर लगाने के पहले अनुमति प्राप्त कर लेने का आग्रह किया। झंडा, बैनर आदि के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत निर्देशित आकर के अनुसार ही लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के भवन पर उसकी अनुमति के बिना कोई झंडा या बैनर नहीं लगाया जाएगा। चुनावी सभा, रैली, प्रचार, विज्ञापन इत्यादि पर होने वाले सभी प्रकार के चुनावी व्यय के लिए गए प्रत्याशी को दी जाने वाली शैडो रजिस्टर में अंकित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित व्यय राशि 40 लाख रुपए से अधिक नहीं करनी है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार-प्रसार के लिए आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रचार सामग्री लगाने से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है। साथ ही सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक चैनल, पर प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों के लिए भी MCMC (Media Certification and Monitoring Committee) की स्वीकृति अनिवार्य होगी। उन्होंने बताया कि आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें नागरिक cVIGIL ऐप के माध्यम से सीधे आयोग तक भेज सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित दलों के प्रतिनिधियों से जिलाधिकारी ने अपेक्षा की कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें और शांतिपूर्ण, निष्पक्ष तथा भयमुक्त वातावरण में मतदान सुनिश्चित कराने में प्रशासन का सहयोग दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में निर्वाचन संपन्न करने के लिए कृत संकल्पित है।




