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तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक सूची की तैयारी हेतु अधिकारियों /कर्मियों का प्रशिक्षण सम्पन्न

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ३० सितम्बर

आगामी बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक सूची तैयार करने की प्रक्रिया को सुचारु एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी/ नामनिर्दिष्ट पदाधिकारी/ पदाभिहित पदाधिकारी शामिल हुए, जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय से VC के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी राजू कुमार एवं अवर निर्वाचन पदाधिकारी पश्चिमी सृष्टि प्रिया के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सभागार में नगर आयुक्त विक्रम वीरकर, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी श्रेयाश्री, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी प्रशांत कुमार, जिला उप-निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय कुमार, जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को निर्वाचक सूची तैयार करने से जुड़े प्रत्येक बिंदु पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों को रेखांकित करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि निर्वाचक सूची का निर्माण लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही अस्वीकार्य होगी। प्रशिक्षण सत्र में अवगत कराया गया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मूल दस्तावेज है। इसे त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने तथा आयोग के दिशानिर्देश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए प्रत्येक आवेदन-पत्र की जांच पूर्ण निष्पक्षता और सावधानी से की जाये। प्रशिक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज कराने हेतु अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष डिग्री होनी अनिवार्य है। इसके लिए अभ्यर्थी को फॉर्म-18 भरना होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन के लिए अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में कम से कम तीन वर्ष तक अध्यापन का अनुभव होना आवश्यक है। इस हेतु आवेदन फॉर्म-19 पर स्वीकार किया जाएगा। अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उसकी प्रारंभिक जांच की जाए। इसमें शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, नियुक्ति पत्र, अनुभव प्रमाण-पत्र, पहचान-पत्र और निवास संबंधी अभिलेखों का सत्यापन शामिल होगा। यदि किसी अभ्यर्थी के दस्तावेज संदेहास्पद प्रतीत हों, तो उन्हें संबंधित विभाग से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार ही संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण करने पर जोर दिया गया। आवेदन प्राप्त करने, उसकी जांच करने, दावे-आपत्तियां दर्ज करने तथा अंतिम निर्वाचक सूची प्रकाशित करने की प्रत्येक चरणबद्ध प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। प्रशिक्षण में बताया गया कि निर्वाचक सूची तैयार करने में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सभी अभिलेखों को डिजिटाइज कर सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सके। अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया कि वे कैसे ऑनलाइन पोर्टल पर सूचनाएं दर्ज करेंगे और सत्यापन रिपोर्ट अपलोड करेंगे। प्रशिक्षण सत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मियों को पूरी तरह से निष्पक्ष रहना है। किसी भी प्रकार का पक्षपात या दबाव स्वीकार्य नहीं होगा। निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता एवं शुचिता बनाए रखना प्रत्येक कर्मी का नैतिक दायित्व है साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करने तथा उसके अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण के अंत में अधिकारियों एवं कर्मियों से उनके प्रश्न लिए गए और शंकाओं का समाधान किया गया। यह तय किया गया कि समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया की यह प्रशिक्षण स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक सूची को सटीक, पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह प्रशिक्षण अधिकारियों एवं कर्मियों को न केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करता है, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति और अधिक जिम्मेदार भी बनाता है। आगामी दिनों में जैसे-जैसे निर्वाचक सूची निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव निश्चित रूप से चुनाव कार्य को पारदर्शी एवं सफल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

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